गुना, द टेलीप्रिंटर। मध्यप्रदेश के कई इलाक़ों को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे महज 13 महीनों में ही जर्जर हो गया। हाईवे पर बना पार्वती नदी का पुल दरकने लगा है। आवागमन को रोक कर वन वे को ही टू वे में तब्दील कर दिया है। बाक़ी हिस्सों पर भी भारी गड्ढे बन गए हैं। फ़ोर लेन का यह प्रोजेक्ट ज्योतिरादित्य सिंधिया का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है।
जनता के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया का ड्रीम प्रौजेक्ट 4 लेन NH 46 मात्र 13 महीनों में ही खस्ताहाल हो गया है। कभी मीडिया की सुर्ख़ियों में रहा आज हाईवे जर्जर हालत में है। रोड़ पर गड्ढों के वजह से आए दिन सड़क दुर्घटना हो रही है। गड्ढों के कारण कई वाहन पलट चुके है। कई गायों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है।
NH 46 वहीँ हाईवे जिसका लोकार्पण जुलाई 2018 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया था। लोकार्पण के शिलालेख पट्टी पर तत्कालीन सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम न होने पर काफी हंगामा हुआ था। जिस पर गडकरी ने संसद में माफी मांगी थी।
अब उसी हाईवे पर बने पार्वती पुल में महज 13 महीनों में क्रेक आने लगे हैं। इस कारण पुल के एक तरफ से ही आने-जाने वाले वाहन निकलते हैं। इससे हमेशा हादसा होने का डर बना रहता है।
हाईवे बनाने वाली कंपनी वाहन मालिकों से टोल वसूल रही है लेकिन कोई हाईवे की जर्जर हालत को सुधारने की सुध नहीं ले रहा है। इस मामले में टोल मैनेजर, कंपनी मैनेजर से कोई बात करना नहीं चाहता है। न कलेक्टर ने इस मामले में दखल दिया है।
