छिंदवाड़ा। जिस चीज को हम व्यर्थ और भंगार समझकर फेंक देते हैं वह चीज किसी और के लिए कीमती भी हो सकती हैं। किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकती हैं। इसी सोच के साथ एक शख्स ने ऐसा घर बनाया जो पुराने सामान जरूरतमंदो को देने का ठिकाना बन चुका है। यहाँ लोग अपने पुराने कपड़े या सामान छोड़ जाते हैं और जरुरतमंद उसे यहाँ से ले जाते हैं।
गरीब बच्चों के हाथों में कपड़े पाने की खुशी और महिलाओं की आँखों में घर के जरुरत के सामान मिलने की चमक। यह नजारा है छिंदवाड़ा के नेकी के घर का। छिंदवाड़ा के ऊँटखाना में हर रविवार को नेकी का घर खुलता है। हर रविवार कई जरुरतमंद यहाँ आते हैं और सामान लेकर जाते हैं जिससे लोगों की जरुरत भी पूरी होती है।
नेकी के घर को बनाया है छिंदवाड़ा के रहने वाले कुलदीप सिंग अरोरा ने। दरअसल कुलदीप एक दिन अपने घर से निकलने वाले पुराने सामानों को ठिकाना लगाने की सोच रहे थे तो उनकी बेटी ने उनको नेकी के घर का उपाय बताया। बेटी के कहने पर उन्होंने अपनी माँ की याद में नेकी का घर बनाया और नाम दिया जसवंत कौर मेमोरियल नेकी का घर।
यहाँ से उन्होंने जरुरतमंदो को सामान बाँटना शुरु किया। धीरे-धीरे इस मुहिम से शहर के कई लोग जुड़ने लगे। अब लोग अपने घर से निकलने वाले पुराने कपड़े औऱ सामान को फेंकने के बजाय यहाँ लाकर रख देते हैं। जरूरतमंद अपनी जरूरत के हिसाब से यहां से सामान ले जाते हैं।
