विदिशा। विदिशा जिले में महिला नसबंदी शिविर के दौरान ऑपरेशन के बाद महिलाओं को फर्श पर सुलाया गया था। अधिकारियों ने महिलाओं को एक बेड तक नसीब नहीं कराया। अब मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जाँच की बात कह रहे हैं।
दरअसल विदिशा के प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केएस अहिरवार से इस सम्बन्ध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, “वो इस पूरे मामले की जाँच करवाएंगे और ऐसा भविष्य में नहीं हो इसको भी सुनिश्चित करेंगे और दोषियों पर कार्यवाही करेंगे।“
वहीँ विदिशा कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि, उन्होंने इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लिया है और इस मामले की जाँच के आदेश जारी कर दिये गए हैं। ग्यारसपुर एसडीएम इस पूरे मामले की बारीकी से जाँच करेंगे।
दरअसल सोमवार को विदिशा जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर ग्यारसपुर के स्वास्थ्य केंद्र में महिला नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में 41 महिलाओं ने नसबंदी का ऑपरेशन भी कराया था। लेकिन ऑपरेशन के बाद उन महिलाओं को अस्पताल परिसर में ही फर्श पर लिटा दिया गया। जिम्मेदार महिलाओं को एक बेड तक नसीब नहीं करा सके। अधिकारियों ने नवंबर महीने के ठंड के मौसम में नसबंदी का ऑपरेशन करवाने वाली महिलाओं को संक्रमण फैलने के खतरे को पूरी तरह से नजरअंदाज किया।
