बालाघाट। इन दिनों मध्यप्रदेश के बालाघाट में दुर्लभ सारस पक्षियों के जोड़े आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इंडियन क्रेन या क्रोंच के नाम से जानी जाने वाली यह प्रजाति कुछ साल पहले तक देश में विलुप्त की कगार पर पहुँच गई थी।
गौरतलब है कि बालाघाट को सारसो के ठिकाने के रूप में नई पहचान मिल रही हैl इनका संरक्षण करने के लिए युवाओं और किसानों की टोली बनाई गई है। यह टोली ना सिर्फ इनका ध्यान रखती है बल्कि हर साल इनकी गणना कर इनकी बढ़ती आबादी पर सतत् नजर भी रखती है।
सारसो की गणना करने के काम में मुख्य रूप से अभय कोचर, विक्रांत साकरे, रितेश अग्रवाल, रवि पलेवार, खगेश कावरे, नरेंद्र गीजवानी, विशाल ठाकरे, गौरव कावरे, शोभित कोठारी सहित दो दर्जन से अधिक युवा शामिल है।
