भोपाल। सत्ता में आने के बाद से ही कमलनाथ सरकार पिछली सरकार की योजनाओं पर ताले लगाते जा रही है। पिछली सरकार द्वारा पशुओं के ईलाज के लिए चलाई जा रही पशु संजीवनी मुफ्त सेवा योजना को भी बंद कर दिया है। अब पशु पालकों को मवेशियों के इलाज के लिए बतौर शुल्क 100 रूपए अदा करना होगा।
दरअसल पूर्व शिवराज सरकार द्वारा पिछले साल 2 अक्टूबर के दिन इस योजना को लागू किया था। इस योजना के तहत पशुपालकों के लिए टोल फ्री नंबर 1962 जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर आप पशुओं की बीमारी की जानकारी दे सकते हैं।
पशुपालन विभाग की टीम आपके घर पर पहुंच जाएगी और पशु का इलाज मुफ्त में करेगी। पशुओं के इलाज के लिए घर पहुॅच सेवा जारी रहेगी लेकिन अब 100 रूपए शुल्क चुकाना होगा। अधिकारियों का तर्क है कि बेवजह के कॉल से छुटकारा पाने के लिए यह कदम उठाया गया है ताकि पशु पालक अब मुफ्त सेवा के बदले संजीवनी वाहन के डॉक्टरों को परेशान ना करें।
पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि गाय के नाम पर पैसे लेकर चलेगी सरकार। गाय के इलाज के लिए 100 रूपए लेना गलत है।
