शिवपुरी। कांग्रेस के एक विधायक ने अपने बयान से प्रदेश की कमलनाथ की मुसीबतें बढ़ा दी है। विधायक ने कहा है कि अगर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी छोड़ते हैं तो वह उनके साथ जाने वालों में सबसे पहले होंगे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक पोहरी से विधायक सुरेश राठखेड़ा ने कहा कि महाराज (ज्योतिरादित्य सिंधिया) किसी पार्टी में जाएंगे, यह तो दिमाग से निकाल दीजिए। वह इतनी बड़ी ताकत हैं कि जब जो चाहें प्रदेश में कर सकते हैं। नई पार्टी खड़ी कर सकते हैं। अगर महाराज ने नई पार्टी बनाई तो सबसे पहले मैं उनके साथ जाऊंगा। उन्होंने कहा कि आज मैं जहां भी हूं, उनके आशीर्वाद से हूं। पार्टी सर्वोपरि है, लेकिन महाराज उससे भी ऊपर हैं। मैं उनका एक छोटा सा चरण सेवक हूं।
सुरेश राठखेड़ा यही नहीं रुके। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि जब मैं जाऊंगा तो अपने बच्चों को भी कहकर जाऊंगा कि सदैव सिंधिया जी के साथ रहें। उनके इस बयान से जिले के एक और विधायक ने इरादे जाहिर कर दिए हैं कि वे सिंधिया के खास सिपहसालार हैं। सिंधिया जो कहेंगे, वे करने को तैयार हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा अपने ट्विटर से स्टेट्स बदलने के बाद गर्माई राजनीति में यह कयास लगाए गए कि सिंधिया मप्र में अपनी उपेक्षा के बाद पार्टी छोड़ सकते हैं। हालांकि सिंधिया ने इन बातों को अफवाह बताया और बाद में सफाई दी कि उन्होंने तो अपना स्टेटस एक महीने पहले ही बदल दिया था लेकिन अब इतना बवाल क्यों मच रहा है।
दरअसल मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से खींचतान जारी है। सिंधिया समर्थक उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद पर देखना चाहते हैं। कई बार मीडिया में सिंधिया के पार्टी से नाराज होने ख़बरें आ चुकी है।
