उमरिया। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने 80 वर्षीय बुजुर्ग बैगा आदिवासी चित्रकार जोधईया बाई के काम की सराहना की है। उन्होंने बैगा जनजाति को निशुल्क चित्रकला का प्रशिक्षण देने वाले आशीष स्वामी की भी प्रशंसा की। राहुल गांधी की सराहना से पूरा बैगा समाज खुश है।
राहुल गाँधी ने जोधईया बाई की तारीफ करते हुए फेसबुक पर लिखा कि, “70 साल की उम्र में पेंटिंग सीखने का जोधईया बाई बैगा का फैसला कई लोगों हैरान करता है। पिछले दशक में भारत और विदेश में उनकी पेंटिंग बिक चुकी है। मध्य प्रदेश में आदिवासी महिलाओं के लिए मुफ्त कला प्रशिक्षण का आयोजन करने वाले उनके गुरु आशीष स्वामी विशेष रूप से प्रशंसा के योग्य है।”
दरअसल उमरिया जिले के छोटे से गाँव लोढ़ा में रहने वाली आदिवासी महिला जोधईया बाई बैगा के द्वारा बनाए गए चित्रों को इटली के मिलान शहर में आयोजित प्रदर्शनी में दिखाया गया था। प्रदर्शनी में दुनिया के बड़े-बड़े चित्रकार और अन्य लोग जोधईया बाई की पेंटिंग का दीदार किया। जोधईया बाई की इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन ने भी जोधइया बाई का सम्मान किया था।
जोधईया बाई ग्राम लोढ़ा की रहने वाली है जिन्होंने 70 वर्ष की उम्र में लोढ़ा स्थित जनगण तस्वीखाना से चित्रकला सीखी। जनगण तस्वीर खाना की स्थापना 2008 में शांति निकेतन कला एवं संगीत विश्वविद्यालय से चित्रकला में स्नातक मशहूर चित्रकार आशीष स्वामी ने की थी। आशीष स्वामी के आर्ट सेंटर में ग्राम लोढ़ा के दो दर्जन बैगा कलाकारों को चित्रकला का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।
राहुल गांधी द्वारा फेसबुक में जोधईया बाई के काम की सराहना के बाद गुरु आशीष स्वामी ने कहा है कि गांधी परिवार हमेशा से कला का कद्रदान रहा है। चित्रकार आशीष स्वामिनी कहा कि राहुल गांधी की सकारात्मक टिप्पणी के बाद देश भर में बैगा आर्ट की लोकप्रियता में वृद्धि होगी।
आशीष स्वामी बैगा आर्ट को गोंड पेंटिंग की तर्ज पर पुरे देश और दुनिया में फैलाना चाहते हैं। जनजातीय मामलों के जानकार भी मानते हैं कि आदिवासी समाज में कला समृद्ध रही हैं लेकिन संरक्षण के अभाव में यह कला खोती गई। जानकारों ने आदिवासी कला संस्कृति के विस्तार के लिए सरकार से मदद मांगी है।
