पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना शहर के रहवासी इन दिनों भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं। लोग एक किलोमीटर दूर से पानी भरकर लाने पर मजबूर हैं। कोरोना काल में यह संकट और भी ज्यादा गहरा गया है। शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से आधे शहर में कर्फ्यू है और आधी में जल संकट।
दरअसल पन्ना के पहाड़ कोठी और खेजरा माता बस्ती के लोग लॉकडाउन के कारण काम धंधे बंद होने के साथ-साथ पानी की एक-एक बूंद इकट्ठी करने के लिए भी परेशान हो रहे हैं। यहां के लोग अपने दैनिक उपयोग के लिए साइकिल में डिब्बे बांधकर प्रतिदिन दूर से पानी लाते हैं।
शहर में पहाड़ कोठी के पास फिल्टर प्लांट के लीकेज का पानी जो गड्ढों में बहकर इकट्ठा हो जाता है, वहां से पानी भरकर लोग पी रहे हैं। नगर पालिका इस जल संकट को समझने की बजाय बिजली को आपूर्ति के लिए बाधक बता रहा है और सच्चाई से मुंह मोड़ने में लगा हुआ है।
बता दे कि शहर में जल संकट कोई नई बात नहीं है। जैसे ही गर्मियां शुरु होती है, तालाबों में पानी कम होने से जल संकट की स्थिति निर्मित हो जाती है क्योंकि यहां का एकमात्र पेयजल आपूर्ति का स्रोत यहां के राजा साही के जमाने के तालाब ही हैं। यह संकट और भी गंभीर हो चला है क्योंकि शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से आधे शहर में कर्फ्यू है और आधी में जल संकट।
