May 9, 2026

7 साल की मासूम अपनी दो साल की कुपोषित बहन के लिए बनी माँ

खरगोन। जिस उम्र में उसे खुद प्यार और दुलार की आवश्यकता है, उस उम्र में मासूम असल जिन्दगी में मां का किरदार निभा रही है। सात साल की मासूम अपनी दो साल की बहन का मां की तरह ध्यान रखती है। बच्चियों का पिता शराबी और मानसिक रूप से पीड़ित है। वहीँ माँ दोनों बेटियों को छोड़कर चली गई है। ऐसे में दोनों मासूमों पर आश्रय का संकट है। हालाँकि इन बच्चियों की मदद के लिए क्षेत्रीय सांसद गजेंद्र पटेल आगे आए है।

जिला अस्पताल में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र पर तीसरे नंबर के बेड पर दो वर्षीय कुपोषित बच्ची का नाम पूनम है और उसकी देखभाल करने वाली सात साल की बड़ी बहन का नाम संध्या है। ये तस्वीरें संध्या और पूनम के प्यार की अद्भुत कहानी बयां करती है। वहीँ इनके हालात इतने ख़राब है कि जानकर आपका भी दिल पसीज जाएगा।

दरअसल दोनों खरगोन जिले के भगवानपुरा तहसील के खापर जामली की रहने वाली है। बच्चियों की माँ इन्हें छोड़कर चली गई है वहीँ पिता नशे का आदि होने और मानसिक रूप से पीड़ित होने के कारण दोनों बेटियों की देखभाल नहीं करता था। इस कारण दो वर्षीय पूनम को बीमारी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। ऐसी स्थिति में सात साल की संध्या माँ की भूमिका निभाते हुए अपनी बहन की देखभाल करती थी। एक दिन संध्या अपनी बीमार बहन को उठाकर एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पास ले गई। जब एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने जांच की तो पता चला कि पूनम कुपोषित है। इसके बाद पूनम को पोषण पुनर्वास केंद्र खरगोन में भर्ती कराया गया। तब से यहाँ संध्या ही अपनी बहन पूनम की देखभाल कर रही है।

खरगोन से भाजपा सांसद गजेंद्र पटेल को जब बच्चियों के कहानी के बारे में पता चला तो वह तुरंत उनसे मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे। सांसद गजेंद्र पटेल ने कहा कि मैंने पीड़ित बच्ची को देखा और उसकी बड़ी बहन संध्या से भी बात की। वास्तव में पूरा परिवार कहीं न कहीं पीड़ित है, दुखी है। सिविल सर्जन को निर्देश दिए हैं कि दोनों बच्चियों का पूरा ख्याल रखें। अगर बेहतर इलाज के लिए बाहर भेजने की आवश्यकता पड़ती है तो हम अपने स्तर से बाहर भेजकर इलाज कराएंगे। साथ ही प्रशासन से भी बात करके दोनों बच्चियों का जीवन सँवारने के लिए प्रयास करेंगे। सरकार और हमारी मदद से हर तरह का प्रयास करेंगे।

वहीँ पोषण पुनर्वास केंद्र प्रभारी डॉ विनती सराफ का कहना है कि इस बच्ची को आए हुए लगभग 15 दिन हो गए है। इसकी हालत बेहद खराब थी। पूरे शरीर में उसको सूजन थी, प्लेटलेट्स भी बहुत कम थे। बच्ची के साथ में न माँ है ना बाप और ना ही कोई रिश्तेदार नहीं है। ऐसे में उसकी बड़ी बहन ही उसका माँ की तरह ख्याल रख रही है। छोटी बहन उसे बाई यानी माँ कहकर पुकारती है। हालांकि हम भी दोनों बच्चियों का पूरा ख्याल रख रहे है।

Written by XT Correspondent

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