भोपाल। मध्य प्रदेश में छाए सियासी घमासान के बीच आज सबकी निगाहें विधानसभा की कार्रवाई पर टिकी हुई है। विधानसभा की कार्रवाई शुरू होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष तय करेंगे कि आज फ्लोर टेस्ट होगा या फिर नहीं। भाजपा लगातार आज ही फ्लोर टेस्ट कराने की मांग कर रही है जबकि कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने उनके विधायकों को बंधक बनाकर रखा है। इन विधायकों को छोड़े बगैर विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं कराया जा सकता।
गौरतलब है कि आज से मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। विधानसभा में आज हंगामा होने के पूरे आसार है। इसको देखते हुए पुलिस ने विधानसभा के आसपास धारा 144 लगा दी है। वहीँ अगर फ्लोर टेस्ट की बात करें तो स्पीकर की ओर से विधानसभा के कार्यक्रम की जो लिस्ट जारी की गई है, उसमें राज्यपाल के अभिभाषण के बाद फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं किया गया है। ऐसे में आज फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं उसको लेकर सस्पेंस गहरा गया हैं।
विधानसभा की कार्यसूची जारी होने के बाद राज्यपाल लालजी टंडन ने सीएम कमलनाथ को पत्र लिखा और विश्वास मत के दौरान मत विभाजन हाथ उठाकर करवाने का जिक्र किया। इसके अलावा राज्यपाल ने सीएम कमलनाथ को मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद कमलनाथ ने कहा कि फ्लोर टेस्ट पर अंतिम निर्णय स्पीकर एनपी प्रजापति लेंगे। वहीँ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में हैं। सरकार को फ्लोर टेस्ट करवाना चाहिए, फैसला हो जाएगा।
दूसरी तरफ भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने विधायकों को भोपाल बुला लिया है। हालाँकि कांग्रेस के 16 बागी विधायक अभी भी बेंगलुरु में ही रुके हुए हैं। उन्हें भोपाल लाने के लिए 3 चार्टर्ड प्लेन तैयार खड़े हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा उन्हें आज भोपाल बुला सकती है। अगर आज विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं होता है तो भाजपा अपने और बागी विधायकों की राजभवन में राज्यपाल के सामने परेड करा सकती है।
