नरसिंहपुर। नरसिंहपुर में एक बार फिर से तीन तलाक का मामला सामने आया है। यहाँ रहने वाली मुस्लिम महिला को उसके पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। महिला के साथ पति ने अपनी बेटियों को भी घर से बाहर निकाल दिया है। अब पीड़िता न्याय की आस लिए कलेक्ट्रेट में डेरा डालकर बैठी है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी तीन तलाक के दंश से मुस्लिम महिलाओं को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। नरसिंहपुर में एक बार फिर से तीन तलाक का मामला सामने आया है। यहाँ बेलापुर वार्ड में रहने वाली मुस्लिम महिला को उसके पति ने तीन तलाक देकर दो बेटियों के साथ घर से बाहर निकाल दिया है।
पीड़िता का आरोप है कि उसका पति कोई काम नहीं करता है। वह बीड़ी कारखाने में मजदूरी करके किसी तरह अपना और बच्चों का पेट पालती है। इसके बाद भी उसका पति, उसके साथ मारपीट करता है। पिछली बार जब उसने इसका विरोध किया तो तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया।
अब पीड़िता अपनी दोनों मासूम बेटियों को लेकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। कहीं से सहारा न मिलता देख पीड़िता कलेक्ट्रेट में डेरा डालकर बैठ गई है। कलेक्ट्रेट कर्मी उसे पुलिस अधीक्षक के पास ले गए जहां पीड़िता ने पुलिस को अपनी व्यथा सुनाते हुए न्याय की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक गुरु करण सिंह में पीड़िता की मार्मिक व्यथा सुनते ही तत्काल कोतवाली पुलिस को तलब करते हुए मामले को परामर्श केंद्र के जरिए सुलझाने के आदेश दिए हैं। जिससे पीड़िता को उसका हक मिल सके और तीन तलाक जैसे मामले से छुटकारा भी। वहीँ एसपी ने मानवता का परिचय देते हुए पीड़ित की मासूम बीमार बेटी को सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए ही भेजने के आदेश दिए है।
