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इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने क्राइम ब्रांच के पूर्व टीआई पर रिश्वत मांगने के मामले में एफ़आइआर दर्ज की है।
एसपी लोकायुक्त के अनुसार 2 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में प्रिती हजारी पति श्री राजेश हजारी, निवासी-तुलसी नगर इंदौर ने शिकायत की थी कि उमक् पुत्र श्री प्रांजल हजारी को एक शिकायत के आधार पर क्राईम ब्रांच कार्यालय इंदौर में बुलाया गया था, शिकायत में कार्यवाही न करने एवं श्री प्रांजल हजारी को छोडने की एवज़ में सुजीत श्रीवास्तव, तत्कालीन टीआई , क्राइम ब्रांच इंदौर एवं अन्य पुलिसकर्मी ने प्रांजल हजारी से 1,20,000/- रू. रिश्वत की मांग की गई। फिर 20 मार्च 2026 को 50800/- रू. यूपीआई के माध्यम से प्रायवेट व्यक्ति दीपक पटेल को ट्रांसफर करवाकर छोडा गया तथा शेष राशि 70,000/- रू. अगले दिन नगद प्राप्त किये गये।
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त संभाग इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय मे शिकायत का सत्यापन करवाया। इसके बाद 24 अगस्त 2024 को आरोपीगण 1.सुजीत श्रीवास्तव, तत्कालीन निरीक्षक, अपराध शाखा (क्राईम ब्रांच) इंदौर, 2.अभय सिंह ड्राइवर 3. विकास सेंधव, तत्कालीन आरक्षक, अपराध शाखा (क्राईम ब्रांच) इंदौर एवं 4. दीपक पटेल, प्रायवेट व्यक्ति निवासी इंदौर के विरूद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 एवं 61 (2) बीएनएस 2023 के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
