Xpose Today
इंदौर में वन्य प्राणियों की स्मगलिंग के खिलाफ स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कछुओं की स्मगलिंग करते दो युवकों को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग प्रजातियों के 30 कछुए बरामद किए हैं।
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को गोपनीय सूचना मिली थी कि दो युवक कछुए बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने योजना बनाकर दोनों को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने उनके कब्जे से विभिन्न प्रजातियों के 30 कछुए बरामद किए।
आरोपियों के पास से दुर्लभ प्रजाति के कछुए इंडियन स्टार टोरटोइज़ (Geochelone elegans) 14 नग, इंडियन रूफ्ड टर्टल (Pangshura tentoria) 10 नग एवं स्पॉटेड पौंड टर्टल (Geoclemys amiltonii) 06 नग और तीन मोबाइल फोन जब्त किए है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुसाखेड़ी निवासी केशव शर्मा और रोहन गौड़ के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि केशव ग्राहकों से संपर्क कर कछुओं का सौदा करता था, जबकि रोहन उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाता था। दोनों मिलकर कछुओं की स्मगलिंग कर रहे थे।”
वास्तु और धन के लिए कछुओं की डिमांड
आमतौर पर कई लोग घर के वास्तु और धन आगमन के लिए कछुओं को घर में रखने का प्रयास करते हैं। कछुए को घर में रखने से बरकत रहती है लक्ष्मी का आगमन होता है ऐसी मान्यता है। इसलिए कछुओं की स्मगलिंग करने वाले लोग ऐसे लोगों की तलाश कर मुंह मांगी क़ीमत पर कछुए बेचते हैं।
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 के तहत कार्रवाई
“बरामद की गई समस्त वन्यजीव प्रजातिया वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित है, जिनकी तस्करी के लिए 03 वर्ष से 07 वर्ष तक का कारावास है। दोनों आरोपियों को फारेस्ट रिमांड पर लिया गया है, इनसे पूछताछ की जा रही है।”
