भोपाल। इस साल प्रदेश सरकार के 10 हजार से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में सरकार ने इन पदों पर नए लोगों की नियुक्ति की तैयारी शुरू कर दी गई है। इनमें से कुछ पद संविदा और कुछ पर नियमित नियुक्ति होना हैं। इसके अलावा कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले फंड का असर प्रदेश के खजाने पर न पड़े, इसके लिए भी सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है।
दरअसल तत्कालीन शिवराज सरकार ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की थी। इस कारण अब दो साल पहले रिटायर होने वाले कर्मचारी अब रिटायर होंगे। इस साल करीब 10 हजार से अधिक कर्मचारी रिटायर होंगे। 31 मार्च को सबसे ज्यादा छह हजार से अधिक अधिकारी कर्मचारी रिटायर होंगे। इन कर्मचारियों में सबसे अधिक स्वास्थ्य विभाग के है।
इसको लेकर विभाग अभी से अलर्ट हो गया है। विभाग ने तत्कालिक तौर पर रिक्त होने वाले पदों को संविदा नियुक्तियों से भरने का प्रस्ताव तैयार किया है। पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों को मिलकर ढाई हजार पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय निकाय, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आयुष विभागों में भी नियुक्ति की जाएगी। जहां ज्यादा दिक्कत है, वहां संविदा नियुक्तियां की जाएंगी। संविदा नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों को सरकार सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाला फंड तत्काल नहीं देगी। इससे खजाने पर बोझ कम पड़ेगा। सरकार इस राशी को जरुरी कामों में खर्च करेगी।
दरअसल सरकार रिटायर कर्मचारियों को पेंशन के तौर पर हर साल 13 हजार करोड़ रुपए देती है। अगले साल यह आंकड़ा ढाई हजार करोड़ रुपए और बढ़ जाएगा। ऐसे में अगर कर्मचारी काम करते रहते हैं तो खजाने पर पेंशन का बोझ नहीं आएगा और विभागों में कर्मचारियों का टोटा भी नहीं पड़ेगा।
