इंदौर। शुक्रवार को साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। धार्मिक दृष्टि से देश में इसका कोई ख़ास महत्व नहीं है। क्यों कि यह उप छाया ग्रहण है इसलिए यह न तो देश में कहीं दिखेगा और न ही मंदिरों में इसके सूतक को माना जाएगा।
बता दे कि साल 2020 में चार चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण पड़ेंगे। इन छह ग्रहणों में से पांच का धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं है। सिर्फ 21 जून को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण ही मान्य होगा। ज्योतिषियों ने बताया कि चंद्र ग्रहण तीन वर्गों में होता है। पहला होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण जिसमें चन्द्रमा की काली छाया पृथ्वी पर गिरती है। दूसरी होती है आंशिक चंद्र ग्रहण जिसमें आंशिक रूप से काली छाया पृथ्वी पर गिरती है। तीसरा होता है उप छाया चन्द्र ग्रहण जिसमें चंद्रमा पूरी तरह से छिपता नहीं है और ना ही उसकी काली छाया पृथ्वी पर गिरती है।
शुक्रवार को पड़ने वाला चन्द्र ग्रहण उप छाया चंद्र ग्रहण है। अतः इसका धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं है। इसका यम नियम सूतक मान्य नही है। यह ग्रहण रात्रि 10.37 मिनट से शुरू होगा तथा रात्रि 2.42 मिनट तक रहेगा।
