छतरपुर। बुंदेलखंड की बदहाली की तस्वीर आए दिन सामने आती रहती है। खासकर स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बुंदेलखंड की स्थिति बद से बदतर हो रही है। हाल ही में छतरपुर के जिला अस्पताल की ऐसी ही तस्वीर सामने आई हैं। यहाँ लाइट न होने के कारण मोबाइल टॉर्च की रोशनी में मरीज का इलाज किया गया। इस तस्वीर ने एक बार फिर बुंदेलखंड की स्वास्थ्य सुविधाओं की कलई खोल दी है।
दरअसल पिछली भाजपा सरकार के समय छतरपुर में करोड़ों की लागत से बहुमंजिला अस्पताल का निर्माण किया गया। अस्पताल में लाइट फिटिंग के बाद करोड़ों के जरनेटर भी लगे हैं। लेकिन इन्हें मेंटेन करने वाला कोई नहीं। वर्तमान में यहाँ की स्थिति ऐसी हैं कि अगर लाइट चली जाती है तो अस्पताल में घुप्प अंधेरा छा जाता है। ऐसे में अगर कोई मेजर या माइनर ऑपरेशन चल रहा होता है तो वह बीच में ही रुक जाता है या फिर टार्च की रोशनी में किया जाता है।
हाल ही में अस्पताल में एक बार फिर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। तस्वीरों में अस्पताल में मोबाईल की रोशनी में मरीज का माइनर ऑपरेशन किया जा रहा है। मोबाईल की रोशनी में घायल के चेहरे पर टांके लगाए जा रहे हैं। अस्पताल में लाइट जाने पर जनरेटर नहीं चल रहा है। वहीँ अस्पताल स्टाफ इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर रहा है।
जब मोबाईल की रोशनी में मरीज का माइनर ऑपरेशन किए जाने की खबर कलेक्टर को पता चली तो उनके भी चेहरे की हवाइयां उड़ गई। उन्होंने मामले की जाँच करने की बात कही है।
