शिवपुरी। शिवपुरी में मंगलवार को कई आदिवासी महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंच गई। महिलाओं का आरोप हैं कि सरकार के आदेश के बाद भी कंट्रोल की दुकान चलाने वाला संचालक उन्हें राशन नहीं दे रहा है। जबकि इनके पास पीले राशन कार्ड है और वह खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रता की श्रेणी में आतीं हैं।
दरअसल कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन में गरीबों को परेशानी न हो, इसलिए मध्यप्रदेश सरकार ने तीन महीने का राशन एडवांस में देने की घोषणा कर रखी है। बावजूद इसके गरीब जनता को कंट्रोल की दुकानों पर राशन नहीं मिल रहा है। ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जब कंट्रोल की दुकान चलाने वाले रसद माफिया गरीबों को राशन नहीं दे रहे हैं।
मंगलवार को शिवपुरी के वार्ड 39 करौंदी कॉलोनी में भी ऐसा ही मामला सामने आया। वार्ड की कई आदिवासी महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पर शिकायत करने पहुंच गई। इन महिलाओं का कहना है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रता की श्रेणी में आने के बाद भी इन्हें राशन नहीं दिया जा रहा है।
वहीँ दूसरे क्षेत्रों से भी जिला प्रशासन के पास लगातार कई शिकायतें आ रही है। इसके बाद भी रसद माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिले में स्थिति यह है कि 3 महीने का जो एडवांस राशन कंट्रोल संचालनकर्ताओं को मिला है, वह इस रसद को ठिकाने लगाना चाहते हैं। जिला प्रशासन का खाद्य महकमा और अन्य जिम्मेदार अधिकारी गरीबों की इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
