ग्वालियर। ग्वालियर के कॉलेज में पढ़ने वाली दो लड़कियां अपनी लगन से महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण पेश कर रही है। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण दोनों अपनी पढ़ाई का खर्चा खुद ही उठा रही है। इसके लिए लड़कियों ने फूड स्टॉल लगाना शुरू किया है। इससे होने वाली कमाई को वह अपनी पढ़ाई पर खर्च करती हैं।
फूड स्टॉल लगाने वाली दोनों लड़कियों का नाम सुरभि और ज्योति है। सुरभि और ज्योति कॉलेज में पढ़ रही और साथ ही कंपटीशन की तैयारी कर रही है। अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाने के लिए दोनों अपना फूड स्टॉल संचालित करती हैं। दिन में युवतियाँ में कॉलेज और कोचिंग पढ़ाई करने जाती हैं और शाम को अपने ई-रिक्शा पर बनाए गए फूड स्टॉल को लेकर चेतकपुरी चौराहे पहुंच जाती हैं। जहाँ रात को 10 बजे तक दोनों अपना फूड स्टॉल संचालित करती हैं।
लड़कियों के फूड स्टॉल पर बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं और इनके द्वारा तैयार खाने का लुत्फ उठाते हैं। स्टॉल पर पहुँचने वाले ग्राहक भी उनके इस कार्य की सराहना करते हैं। हालाँकि यह इलाका थोड़ा सुनसान और अंधेरे वाला होने के कारण इनकी सुरक्षा की चिंता जरुर लगी रहती है। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा लड़कियों को बेहतर स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
बीते दिनों जिले के एसपी खुद लड़कियों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर पहुंचे थे। उन्होंने लड़कियों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया है। उनका कहना है कि यह लड़कियां सभी लड़कियों के लिए मिसाल है। विपरीत परिस्थितियां होते हुए भी वह अपने बेहतर कल के लिए काम कर करती है। पुलिस हमेशा ऐसी लड़कियों के साथ खड़ी है।
वहीँ लड़कियों का कहना है कि उनका परिवार उनकी पढ़ाई में मदद करता है। लेकिन आर्थिक हालात ठीक नहीं है, इसलिए बेहतर पढ़ाई के लिए और अधिक पैसों की आवश्यकता थी, दोनों की कुकिंग में पहले से ही रुचि थी इसलिए सोचा कि क्यों ना फूड स्टॉल लगाया जाए। सबसे पहले उन्होंने फूड स्टॉल पर लगाए जाने वाले फास्ट फूड को घर पर बनाया और अपने दोस्तों को भी चखाया। जब दोस्तों ने उनके बनाए फास्ट फूड की तारीफ तो उन्होंने यह स्टॉल लगाना शुरू कर दिया।
हालांकि उनका कहना है कि सुरक्षा का थोड़ा सा अभाव है इसीलिए उनके पैरंट्स भी उनके साथ आकर स्टॉल पर खड़े होते हैं। लड़कियों का कहना है कि इसके माध्यम से जो आय होती है वह अपनी पढ़ाई पर खर्च कर रही हैं। वह फिलहाल एमपीपीएससी की तैयारी कर रही हैं और वह चाहती हैं कि वह प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर देश की सेवा करें।
