डॉ हिमांशु जोशी, इंदौर। कहा जाता है किसी भी काम को करने का जुनून हो तो मुश्किलें भी अवसर बन जाती हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है महू के पास बनी वीरान पहाड़ी पर इंदौर में होलकर साइंस कॉलेज के प्रिंसिपल रहे ख्यात शिक्षाविद और पर्यावरण संरक्षक डॉ एस एल गर्ग ने।
ढाई साल पहले जो एक वीरान पहाड़ी थी अब वहाँ 25 हज़ार पौधे लहलहा रहे हैं। यह है महू का केसर पर्वत यहाँ हर पौधे की प्यास बुझाने के लिए न केवल ड्रिप सिस्टम लगा है बल्कि पानी ख़रीदकर इन्हें सींच रहे हैं। यहाँ पर नक्षत्र वाटिका है। जिसमें सभी नक्षत्र और 12 राशियों के पौधे लगे हैं। वहीं कई ऐसी प्रजाति के पौधे हैं जो मालवा की धरती तो क्या भारत में ही लगना मुश्किल है। लेकिन डॉ गर्ग के प्रयास से यह विलक्षण पौधे भी यहाँ उग गए हैं।
