डॉ हिमांशु जोशी, खंडवा। खंडवा कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी का हाथ थामने वाले नारायण पटेल के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है क्योंकि उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार तो बना दिया लेकिन जनता जनार्दन ने उन्हें नकार दिया है.पामाखेड़ी में नारायण पटेल लोगों से आशीर्वाद लेने पहुंचे तो गांव की महिलाओं ने उन्हें घेर लिया।
महिलाओं का कहना था कि, ‘विधायक रहते हुए एक बार भी झांकने नहीं आए नारायण पटेल और अब पैर छूने आ रहे हैं शर्म आनी चाहिए इनको।’
मांधाता उपचुनाव में बीजेपी की मुसीबतें बढ़ गई हैं। विधानसभा उप चुनाव में वोट मांगने जा रहे, मांधाता क्षेत्र में बीजेपी नेता नारायण पटेल को काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। एक स्थान पर तो पटेल की फ़ज़ीहत हो गई जब उन्होंने कहा पहले आपने कमलनाथ को जिताया अब शिवराज को जीता दो विधायक के बोल सुनकर महिलाएं भड़क गई पटेल को महिलाओं ने घेरा, खूब सुनाई खरी खोटी, नेताजी को वहाँ से वापस लौटना पड़ा।
प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। गांव वासियों के सवालों के सामने नेताओं को वहां से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासी वोट के बहिष्कार की बात कह रहे हैं।
पहले नाथ को चुना अब शिवराज को चुनो
जब पामाखेड़ी में नारायण पटेल लोगों से आशीर्वाद लेने पहुंचे तो गांव की महिलाओं ने उन्हें घेर लिया उनकी एक नहीं सुनी वह चिल्लाते रहे कि पहले आपने कमलनाथ को चुना था अब शिवराज मामा को चुनो महिला इतनी भड़क गई कि विधायक को डर के मारे उल्टे पर लौटना पड़ा।
नेताजी घोषणा नहीं काम चाहिए
वहीं महिलाओं ने नारायण पटेल को कहा कि गांव में सड़क पानी बिजली अनेक मूलभूत सुविधाएं आज तक नहीं है,
राशन पानी मिलता नही है समय पर आपको कैसे वोट दें?
चुनाव से पूर्व नेता विकास के तमाम वादे करते हैं, जैसे ही चुनाव खत्म होता है वादे हवा हो जाते हैं। नेताओं को चाहिए अपनी बात पर खरा उतरे तभी वोट मिलेगा।
बीजेपी की सारी योजनाएँ काग़ज़ी
वहीं क्षेत्र के युवा किसानों का कहना है, कि किसानों के लिए भाजपा जो भी योजना लेकर आई। ज्यादातर का लाभ किसानों को नहीं मिला। ऐसे में पार्टी के नए वादों को कैसे भरोसा किया जाए।
बीजेपी की कमजोर कड़ी पटेल
नारायण पटेल के लिए मुसीबत बढ़ती ही जा रही है क्योंकि आए दिन विवादित बोल और ऊपर से गांव की जनता का समर्थन नहीं मिल पाना यह बता रहा है, कि नारायण पटेल बीजेपी की सबसे कमजोर कड़ी बन ना जाए।
जो कांग्रेस का न हुआ हमारा कैसे होगा ?
वही गांव के बुजुर्ग लोगों ने कहा कि नारायण पटेल को वोट दिया था लेकिन उसने धोखा दिया अब जनता समझदार है जो हमारे गांव का विकास करेगा हम उसे ही वोट देंगे। विधायक रहते गांव में शक्ल तक नहीं दिखाई अब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट दिया है तो वोट मांगने आ रहे हैं जो अपनी पार्टी का नहीं हुआ वह हमारा कैसे हो सकता है ।
