गुना। 65 साल का दिव्यांग शख्स जिसका एक पैर ख़राब है। इस कारण बैसाखी का सहारा लेकर चलना पड़ता है। वह शख्स अपना इलाज कराने जब जिला अस्पताल पहुंचा तो कदम-कदम पर साथ देने वाली बैसाखी ने उसका यहाँ भी साथ नहीं छोड़ा। अस्पताल प्रशासन ने मरीज को बोतल लगाने के लिए बैसाखी को पलंग से बांध कर उस पर बोतल टांग दी।
प्रेम नारायण अहिरवार गुना जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर रुठियाई के निवासी हैं। उन्हें शुगर की बीमारी है। प्रेम नारायण का बचपन से ही एक पैर ख़राब है। इस कारण उन्हें बैसाखी के सहारे चलना पड़ता है।
प्रेम नारायण जब जिला चिकित्सालय में अपना इलाज कराने पहुंचे तो तो डॉक्टरों ने इन्हें भर्ती कर लिया। बारी जब बोतल लगाने की आई तो जिला चिकित्सालय के पास स्टैंड की व्यवस्था ही नहीं थी। फिर क्या था वैशाखी को पलंग से बांध दिया गया और उस पर बोतल टांग दी गई।
यह हालात उस गुना जिला अस्पताल के है जहाँ मरीजों के इलाज के लिए करोड़ों की फंडिंग की जाती है, लेकिन प्रेम नारायण को बोतल लगाने के लिए स्टैंड की व्यवस्था तक नहीं की जा सकी।
