गुना। इसे प्रशासनिक तंत्र की घोर लापरवाही कहें या फिर अधिकारियों की मनमर्जी जिसका खामियाजा 84 वर्षीय वृद्ध महिला को उठाना पड़ रहा है। लापरवाही का आलम यह है कि अधिकारियों ने कुछ सरकारी दस्तावेजों में महिला को मृत घोषित कर दिया जब कि कुछ दस्तावेजों में अभी भी महिला जिन्दा है। अब महिला सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट कर अधिकारियों से एक ही सवाल पूछ रही है “साहब आप ही बता दीजिए मैं जिन्दा या मुर्दा।”
मामला गुना जिले के चाचौड़ा का है। यहाँ रहने वाली वृद्ध महिला शांति बाई को अधिकारियों ने जीते जी मृत घोषित कर दिया। अब महिला सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट कर रही है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी उनसे कन्नी काटते नजर आ रहे हैं।
मामले पर चाचौड़ा जनपद सीईओ हरिनारायण शर्मा का कहना है कि संबंधित सचिव को हमने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जल्दी ही सचिव इस मामले में जवाब देगा। वहीँ सचिव का कहना है कि सरपंच द्वारा षड्यंत्र पूर्वक इस मामले में उसको फंसाया जा रहा है।
दूसरी तरफ महिला के परिजनों ने भी सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मांगा था। जिसके लिए सचिव ने हमसे पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर सचिव ने शांति बाई को मृत घोषित करके उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया। सचिव ने अपने परिजनों को इस योजना के तहत लाभ पहुंचाया है।
