आगर-मालवा। हाई क्वालिफ़ाइड इस शख्स को भगवान का श्रृंगार करना अच्छा लगता है। यह शख्स पिछले कई सालों से भगवान का श्रृंगार कर रहे है। इसे भगवान को चोला चढ़ाने में इतनी महारत हासिल है कि पूरे जिले भर के तमाम मंदिरों में भगवान का श्रृंगार कर चुका है। यह शख्स अब तक 45 हजार से भी ज्यादा बार भगवान को सजाने का काम कर चुका है।
आगर-मालवा जिले में रहने वाले दुर्गा शंकर व्यास पिछले 33 सालों से भगवान की सेवा करते आ रहे है। भगवान को चोला चढ़ाने में इन्हें महारथ हासिल है। दुर्गाशंकर प्रतिदिन 4 से 5 मंदिरों में जाकर भगवान को विशेष रूप से तैयार करते है। दुर्गाशंकर सुबह से शाम तक इस काम में लगे रहते हैं।
भगवान की वो सब प्रतिमाएं जिन पर सिंदूर का लेप लगा होता है। उन सभी मंदिरों में दुर्गा शंकर भगवान का श्रृंगार करते है। इनका भगवान का श्रृंगार करने का तरीका भी अलग है। यह जैसा पर्व होता है वैसा ही भगवान को रूप देने की कोशिश करते है। इन्हें इस काम में इतनी महारत हासिल हो चुकी है कि महज कुछ मिनटों में ही दुर्गा शंकर भगवान का श्रृंगार कर तरह-तरह के रूप दे देते है।
भगवान का श्रृंगार करने के अलावा दुर्गाशंकर पढ़ाई में भी अव्वल है। इन्होंने दो विषयो में स्नातकोत्तर (डबल एमए) किया हुआ है। हालाँकि इन्हें भगवान की भक्ति के अलावा कुछ दिखाई नही देता है। दुर्गाशंकर सिर्फ आगर-मालवा ही नहीं बल्कि पूरे जिले में सिंदूर से श्रृंगार होने वाले तमाम भगवान की मूर्तियों पर श्रृंगार कर चुके है। प्रत्यक्ष दर्शियों की माने तो व्यवहार कुशल दुर्गाशंकर तरह तरह के चोले चढ़ाने में माहिर है। दुर्गाशंकर भगवान का डबल श्रृंगार भी करते है। वह बजरंग बली, माताजी, गणेश जी, भैरव जी सहित कई भगवान को सजाने का काम कर चुके है।
