भोपाल। आख़िरकार तमाम विवादों को दरकिनार करते हुए प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ियों में अंडा बांटने के प्रस्ताव मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव के तहत एक से छह साल के करीब 10 लाख बच्चों और गर्भवती महिलाओं को हफ्ते में 3 दिन अंडे दिए जाएँगे। हालाँकि जो बच्चा या महिला अंडा नहीं खाना चाहती उन्हें अंडे की कीमत के फल दिए जाएँगे।
प्रदेश की महिला एवं बाल विकास विभाग की इस योजना पर सरकार हर साल 113 करोड़ रुपये खर्च करेगी। राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब इसे बजट आवंटन के लिए वित्त विभाग को भेजा जाना है।
गौरतलब है कि प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने कमलनाथ सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि, “भारत के जो संस्कार हैं, सनातन संस्कृति के संस्कार हैं। सनातन संस्कृति में मांसाहार निषेध है। अगर बचपन से ही हम इसे खाएंगे तो बड़े होकर नरभक्षी हो जाएंगे।”
