भिंड। एक बैंक खाता दो खातेदार। एक पैसा जमा करता रहा, दूसरा निकालता रहा। मजेदार बात यह हैं कि जो खाताधारक पैसा निकालता रहा, उसे लगता रहा कि यह रकम उसके खाते में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डलवा रहे हैं। पैसे जमा करने वाला शख्स बैंक पहुंचा और मामला खुला तो बैंक प्रबंधन से जुड़े लोग भी चौंक गए। दरअसल बैंक ने दो खाता धारकों को एक खाता नंबर जारी कर दिया था।
यह दिलचस्प वाक्य हुआ भिंड जिले के आलमपुर गांव में। आलमपुर के रुरई गांव के रहने वाले हुकुम सिंह ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की आलमपुर शाखा में नवंबर 2018 में खाता खुलवाया। खाता खुलवाने के बाद हुकुम सिंह हरियाणा चले गए और पैसे कमाकर खाते में डलवाते रहे। अक्टूबर 2019 में जब हुकुम सिंह वापस आए और बैंक से पैसे निकलवाने पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते में से 89 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं।
हुकुम सिंह ने जब इसको लेकर शाखा प्रबंधक से बात की तो पता चला कि एक ही अकाउंट नंबर दो लोगों को एलॉट कर दिया गया है। हुकुम सिंह का जो अकाउंट नंबर है वहीँ अकाउंट नंबर दो साल पहले मई 2016 में रोनी गाँव के रहने वाले हुकुम सिंह बघेल को एलॉट किया गया था।
इसके बाद बैंक ने दोनों हुकुम सिंह को बैंक में बुलाया। रोनी गाँव के हुकुम सिंह बघेल ने बैंक को बताया कि वह पैसा आधार कियोस्क सेंटर पर जाकर बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाकर पैसा निकालते थे। जब बैंक ने पूछा कि जब तुम खाते में पैसा नहीं डलवा रहे थे तो फिर निकाल क्यों रहे थे। इस पर हुकुम सिंह बघेल ने कहा कि मुझे लगा पैसा मोदी जी डाल रहे हैं, इसलिए मैं पैसा निकालता रहा।
पूरा मामला सामने आने के बाद बैंक ने सादे कागज पर हुकुम सिंह बघेल से लिखवाया कि वो रुरई गांव के हुकुम सिंह को तीन किस्तों में 89 हजार रुपए वापस करेंगे। इसके बाद कहीं जाकर पूरा मामला शांत हुआ।
