भिण्ड। मात्र 10 साल की उम्र में एक मासूम पर अपनी बीमार माँ सहित खुद के भरण-पोषण की जिम्मेदारी आन पड़ी। मासूम दफ्तर-दफ्तर चाय बेचकर जैसे तैसे यह जिम्मेदारी निभा रहा था। अब समाजसेवियों ने मासूम की जिन्दगी को पटरी पर लाने के लिए दुकान खुलवा दी है। इससे अब मासूम दुकान पर बैठकर काम के साथ-साथ पढ़ाई भी कर सकेगा।
दरअसल शहर के अटेर रोड इलाके में मुंबई बिल्डिंग के पीछे रहने वाला 10 साल का बालक दुकान-दुकान और घर-घर जाकर चाय बेचकर अपना और अपनी बीमार माँ का भरण पोषण करता था। किसानों के लिए संघर्षरत समाजसेवी संजीव बरुआ ने जब यह देखा तो उन्होंने बालक के लिए दुकान खुलवा दी है। गुरुवार दोपहर संजीव ने दुकान का सामान खरीद के परिवार को उपलब्ध कराया।
अब बालक स्कूल से लौटने के बाद दुकान संचालित करेगा। जब बालक स्कूल में रहेगा तब उसकी माँ दुकान संभालेगी। दरअसल दुकान-दुकान और घर-घर जाकर चाय बेचने के चलते मासूम स्कूल के बाद पढ़ाई नहीं कर पाता था। लेकिन अब घर पर ही दुकान खुल जाने से वह दुकान में बैठे-बैठे अपनी पढ़ाई भी कर सकेगा और जीवन यापन के लिए कमाई भी कर सकेगा।
