रतलाम। प्रदेश का एक गाँव पिछले कई सालों से कैंसर जैसी घातक बीमारी से जूझ रहा है। इस गाँव में हर पांचवें घर में कैंसर के कारण किसी व्यक्ति की मौत हो चुकी है। आलम यह है कि पिछले पांच सालों में 35 लोग कैंसर के कारण असमय अपनी जान गवां चुके हैं। इस गाँव की महिला सरपंच सहित जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष भी कैंसर की बीमारी के कारण मौत के शिकार हुए। बावजूद इसके इस गाँव में स्वास्थ्य सुविधा के हाल बेहाल है।
रतलाम जिला मुख्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर स्थित भोजाखेड़ी गाँव में कैंसर कहर बनकर टूट पड़ा है। आलोट तहसील के अंतर्गत शिप्रा नदी किनारे स्थित यह गांव राजस्थान की सीमा से छूता हुआ है। इस गाँव में करीब 200 परिवार है और लगभग 1900 की आबादी है। भोजाखेड़ी में पिछले पांच सालों में 35 लोगों की कैंसर से मौत हो गई है। एक छोटे से गाँव में इतनी बड़ी संख्या में कैंसर से मौत हो गई और शासन-प्रशासन को इसका कारण जानने में कोई दिलचस्पी नहीं है। अभी भी गांव के कई लोग कैंसर से पीड़ित हैं।
भोजाखेड़ी में कैंसर के कहर का खुलासा आईआईएम इंदौर के छात्रों की रिपोर्ट से हुआ। दरअसल आईआईएम इंदौर के 48 छात्रों का दल अक्टूबर में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और संवर्धन विषय पर अध्ययन के लिए आया था। 14 अक्टूबर को भोजाखेड़ी में छात्रों का एक दल रुका था। गांव में चौपाल लगाई और चर्चा की तो इस जानलेवा बीमारी के बारे में पता चला। एक ही गांव में 5 साल में 35 लोगों की मौत कैंसर से होने पर सभी हैरान हो गए। दल ने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को भी सौंपी। इसमें गांव में पानी में गड़बड़ी के चलते कैंसर की बीमारी होने की आशंका जताई। ग्रामीणों के अनुसार ट्यूबवेल और कुओं की जांच को लेकर कलेक्टर रुचिका चौहान को जानकारी दी। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने पानी के स्रोतों की जांच करवाई तो मानक मापदंड ही मिले, फिर प्रदूषण बोर्ड उज्जैन को भी इस बारे में जानकारी दी गई पर अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
एक ग्रामीण ने बताया कि उनकी मां भारत बाई का भी कैंसर के कारण दो साल पहले निधन हुआ है। यहां करीब 35 मौतें हो चुकी हैं। गत सप्ताह भी गांव के बापूसिंह चौहान की कैंसर से मौत हुई है। गाँव में स्वास्थ्य सेवा बदहाल है। स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़ा हुआ है।
विधायक ने लिखा पत्र
आलोट विधायक मनोज चावला ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट को भी पत्र लिखा है। उन्होंने आलोट जनपद क्षेत्र के भोजाखेड़ी और जावरा जनपद क्षेत्र के केरवासा में कैंसर रोग से पीड़ित ग्रामीणों की मौत को लेकर पत्र लिख कर जांच कराने व नियंत्रण के उपाय करने की बात कही है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुताबिक भोजाखेड़ी में ट्यूबवेल और कुएं के पानी के सैंपल लिए थे। पानी के पैरामीटर अनुसार मापदंड पाया गया। डिविजनल कार्यालय से प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड उज्जैन को भी पत्र लिखा गया था। वहां से सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है।
