सतना। सतना की रहने वाली मासूम बच्ची दुर्लभ बीमारी से ग्रसित है। मासूम बच्ची के शरीर में माँस खाने वाला कीड़ा है। कीड़े ने बच्ची के मस्तिष्क का पूरा माँस खा लिया है। इससे मस्तिष्क के अंदर मवाद बन गई है। मासूम बच्ची के माता-पिता के पास इतना पैसा नहीं है कि वह उसका किसी बड़े अस्पताल में इलाज करा सके।
सतना के जवाहर नगर इलाके में रहने वाली 10 वर्षीय मासूम चाहत के शरीर में मांस खाने वाला कीड़ा है। डॉक्टरों का कहना है कि कीड़ा बच्ची के दिमाग को पूरी तरह से खा चुका है। उसके खोखले दिमाग में मवाद भरा हुआ है। समय पर इलाज न मिल पाने के कारण कीड़ा अब दिमाग से निकलकर बच्ची के पूरे शरीर को खा रहा है। ताज्जुब की बात तो यह है कि बच्ची बाहर से भले ही सही सलामत नजर आ रही है लेकिन भीतर से इसका शरीर पूरी तरह से खोखला हो चुका है।
दरअसल जब इस गंभीर बीमारी से चाहत की हालत बिगड़ने लगी तो परिजन उसे लेकर संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल रीवा पहुंचे। जहां पांच डॉक्टरों की टीम ने बच्ची की पूरी बॉडी को स्कैन किया। डॉक्टर देखकर हैरान रह गए कि बच्ची के सिर का ऊपरी हिस्सा खाली है और उसमें मावाद भरा हुआ है। डॉक्टरों ने किसी बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह देकर वापस लौटा दिया। इसके बाद परिजन भोपाल पहुंचे जहां पहले हमीदीया फ़िर कमला नेहरू अस्पताल में बच्ची की जांच कराई।
माता पिता ने मजदूरी करके जो पैसा जुटाया था वो भी खर्च हो चुका है। उनके पास बेटी का इलाज कराने के लिए लाखों रुपए नहीं है और न सरकारी योजनाओं का लाभ उसी मिल पा रहा है। इसलिए खौफनाक बीमारी से पीड़ित बच्ची बिना इलाज कराए अब भोपाल से वापस अपने किराए के मकान मे सतना लौट आई है। माता-पिता यह उम्मीद लगाए बैठी है की शायद कोई उसकी मदद करे ताकि उसे इस बीमारी से निजात मिल सके। चाहत तीन बहनों में सबसे बड़ी है पर तमाम सरकारी योजनाओं के बावजूद चाहत अब घर पर किसी के द्वारा मदद मिलने की उम्मीद से टकटकी लगाए बैठी है।
दुनिया की यह अनोखी बीमारी साल 2018 में पहली बार अमेरिका के ऑरगोन राज्य मे रहने वाले 12 वर्षीय बालक लायम को हो गई थी। माँस खाने वाला एक कीड़ा उसके शरीर में घुस गया था। परिजनों ने इलाज कराया पर बीमारी ठीक नहीं हुई थी। कीड़े ने पूरे शरीर को खाकर खत्म कर दिया था। आखरी में 12 वर्षीय लायम की मौत हो गई थी।
