उमरिया। इन दिनों उमरिया जिले के कई गांव चिकन पॉक्स नामक बीमारी की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीणों में बीमारी तेजी से फैलती जा रही है। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमें की ओर से बीमारी को रोकने के लिए ख़ास कोशिशे नहीं की गई है। वहीँ दूसरी तरफ ग्रामीण भी इसे दैवीय प्रकोप मान कर अस्पताल जाने की बजाय देवी-देवताओं की शरण में जा रहे हैं।
उमरिया जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर बड़खेरा गांव के चालीस फीसदी घरों में चिकन पॉक्स यानी चेचक की बीमारी से लोग पीड़ित है। बीमारी ने ऐसा कहर बरपाया है कि लोग बिस्तर से नहीं उठ पा रहे हैं। बच्चों में सबसे ज्यादा बीमारी का असर देखा जा रहा है। उनके पूरे शरीर और चेहरे पर फोड़े पड़े है। हालत इतने खराब है कि बच्चों की आंखे नही खुलती और पूरा दिन बिस्तर में गुजरता है। इस कारण गाँव का स्कूल भी सुना पड़ा है।
हैरानी वाली बात यह है कि ग्रामीण इस बीमारी को दैवीय प्रकोप मान रहे हैं। ग्रामीण बच्चों को अस्पताल ले जाने की बजाय देवी मंदिरों में जल चढ़ाकर माता रानी को मनाने में जुटे है। वहीँ गाँव के जागरूक लोग स्वास्थ्य महकमे को कोस रहे है। उनका कहना है कि सूचना मिलने पर स्वास्थ्य महकमा गाँव तो पहुंचा लेकिन सिर्फ खानापूर्ति करके वापस लौट गया।
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रदेश की राजधानी में है और जिला टीकाकरण अधिकारी सूचना के बाद गांव के दौरे पर गये थे। उनकी माने तो चिकन पॉक्स के साथ साथ पीड़ितों में खसरा के लक्षण मिले है, जिनके सेम्पल लेकर जांच के लिए भेजने के साथ ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
बहरहाल छुआछूत के तौर पर पहचाने जाने वाली इस बीमारी से आसपास के गांव भी दहशत में है कि कहीं बीमारी उन तक न पहुँच जाये। देखना होगा स्वास्थ्य अधिकारियों के दावे के बाद लोगों को इलाज और राहत मिलती है या उन्हें देवताओं का सहारा ही काम आता है।
