मंडला। ठंड बढ़ते ही मंडला जिले के ककैया में पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। इस जगह को अजगरों की बस्ती कहा जाता है। यहाँ ठंड के मौसम में बड़ी संख्या में अजगर धूप सेकने के बाहर निकलते हैं। एक जगह इतनी संख्या में मौजूद अजगरों को देखने के लिए दूर-दूर से सैकड़ों की संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।
दरअसल ककैया गाँव से लगे जंगल का करीब सात एकड़ इलाका अजगरों का अड्डा है। इस स्थान की गहराई 40 फीट है, जो पूरी तरह से खोखली है। यहाँ जमीन के नीचे गुफाओं और चट्टानों के बीच बड़ी संख्या में अजगर रहते हैं। ठंड के मौसम में धूप सेंकने के लिए सैकड़ो अजगर बिलों के जरिए बाहर निकलते हैं। एक जगह पर सैकड़ों अजगर को देखने के लिए इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक यहाँ पहुँच रहे हैं।
इस जगह के बारे में कहा जाता है कि साल 1926 में आई बाढ़ के कारण यह इलाका पूरी तरह पोला हो गया है। इसके बाद इस जगह को चूहों और गिलहरियों आदि ने अपना बसेरा बना लिया। बाद में अजगरों ने भी यहाँ अपना आशियाना बना लिया और यह इलाका अजगर दादर कहलाने लगा। यहां अजगरों के बिलों के साथ-साथ कई छोटे-छोटे और भी बिल हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि यहाँ बड़ी संख्या में चूहे भी रहते हैं। इस कारण अजगरों को खाने की कड़ी मशक्कत नहीं करनी पड़ती है और उन्हें इस जगह को छोड़कर कहीं जाने की जरुरत नहीं पड़ती।
इन अजगरों में आसपास के ग्रामीणों की गहरी धार्मिक आस्था है। ग्रामीण को अजगरों से खतरा महसूस नहीं होता और ना ही अजगरों को ग्रामीणो से। ग्रामीण भी अजगरों की सुरक्षा को लेकर बेहद सावधान रहते हैं।
