बैतूल। प्याज की बढ़ती कीमतों ने घरों के खाने का जायका तो बिगाड़ ही दिया है। साथ ही ढाबों और होटलों में भी प्याज की बढ़ती कीमतों का असर साफ़ दिखाई दे रहा है। ढाबों और होटलों में ग्राहकों को सलाद में प्याज के जगह मूली और ककड़ी परोसी जा रही है। प्याज मांगने वालों के लिए ढाबा संचालकों ने पेम्पलेट चिपका दिए हैं, जिस पर लिखा है – “प्याज ना मांगो पर बुरा ना मानो।”
प्याज की कीमत 100 रुपए किलो हो जाने के कारण बैतूल के ढाबों में सलाद में प्याज नहीं परोसा जा रहा है। ढाबा संचालकों का कहना है कि ग्राहक खाने के साथ सलाद में प्याज मांगते हैं। हमें भी प्याज नहीं परोस पाने के कारण शर्मिंदगी होती है, लेकिन इस महंगाई में क्या कर सकते है। इसलिए अपने ढाबे पर पेम्पलेट लगाकर ग्राहकों से प्याज नहीं मांगने का निवेदन किया गया है।
वहीँ ग्राहकों का कहना है कि सलाद में प्याज खाना अच्छा लगता है। लेकिन प्याज 100 रुपए किलो से ज्यादा महंगी हो गई है। इस कारण ढाबे वाले प्याज नहीं दे पा रहे हैं। कुछ दिन बिना प्याज के ही संतोष करना पड़ेगा।
बता दे कि एक महीने के भीतर ही बैतूल में प्याज के दाम 50 रुपए किलो से 120 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। जिससे शहर के सभी खाने पीने की दुकानों से प्याज गायब हो रही है। बता दें कि इस साल हुई ज्यादा बारिश के चलते प्रदेश और महाराष्ट्र में प्याज की फसल 70 प्रतिशत से ज्यादा खराब हो चुकी है, जिसके कारण ही प्याज के दाम पूरे देश में ही बढ़े हुए हैं।
