आगर-मालवा। कहते है कि कला उम्र का मोहताज नहीं होती। आगर-मालवा के रहने वाले नन्हे गायक ने इस कहावत को सच करके दिखाया है। मात्र आठ साल की उम्र में बालक अपने मधुर संगीत और भजनों के माध्यम से जिले में अलग पहचान चुका है। यह बालक केवल गाता ही नहीं है बल्कि वाद्य यंत्रों पर भी अपनी उंगलियां गजब की थिरकाता है।
8 साल के इस बालक का नाम देवेंद्र है। मात्र दो साल की उम्र में देवेंद्र का रुझान संगीत की तरफ मुड़ गया। देवेंद्र के पिता भी संगीत और भजन गाते थे। अपनी पिता को सुनकर ही देवेंद्र ने भी संगीत सीखा। आज देवेंद्र भजन गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने लगा है। देवेंद्र ने गणतंत्र दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विशाल जन समुदाय सामने जब आठ साल के देवेंद्र ने वाद्य यंत्रों पर उंगलियां फिराते हुए भजनों की प्रस्तुति दी तो लोग उनकी प्रतिभा देख दंग रह गए। देवेंद्र इस तरह प्रस्तुति दे रहे थे जैसे वह इसमें पारंगत हो। आज देवेन्द्र जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
देवेंद्र शासकीय स्कूल के कक्षा दो में पढ़ाई करता है। शासकीय स्कूल के प्राचार्य ने भी इस नन्हे बालक के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बताया कि यह दूसरी कक्षा का बालक संगीत में काफी शौकीन है। उन्हें गर्व है कि ऐसा बालक उनके स्कूल का छात्र है। अध्यापक का कहना है कि अगर विभाग द्वारा उसे सुविधाएं मिले तो वह अपने जिले और परिवार का नाम रोशन कर सकता हैं।
अब देखने वाली बात यह है कि यह बालक आने वाले भविष्य में क्या संगीत की तरफ जाता है या फिर गरीबी और मजबूरियां उसे जीवन के किसी और राह पर मोड़ देती है। मगर हां इस समय इस नन्हे बालक की प्रतिभा से हर कोई काफी प्रभावित है।
