सीहोर। सीहोर जिले के आष्टा में प्राचीन शंकर मंदिर से लाउड स्पीकर हटाने के आदेश पर विवाद शुरू हो गया है। मामले में स्थानीय विधायक के नेतृत्व में लोगों ने विरोध कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। वहीँ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट कर अपना विरोध दर्ज करवाया है। इनके अलावा सांसद महेंद्र सोलंकी भी मंदिर पहुंचे और दर्शन कर मंदिर में सभा की।
दरअसल बीते दिनों एसडीएम अंजू विश्वकर्मा ने शंकर मंदिर समिति को तलब कर कहा था कि आप आज से ही तत्काल मंदिर में बजने वाले लाउड स्पीकर को बंद कर दें। ऐसा नहीं करने पर पुजारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकर बंद रखे जाए।
एसडीएम के आदेश के बाद गुस्साए लोग हिंदू उत्सव समिति व भाजपा के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचे। यहाँ उन्होंने प्रशासन व प्रभारी मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि आदेश वापस नहीं लिए गए तो अनिश्चितकालीन आष्टा बंद किया जाएगा।
वहीँ इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर लिखा कि, “शर्मनाक तुष्टिकरण! कमलनाथ जी, कोलाहल नियंत्रण के नाम पर मंदिर से स्पीकर हटाने का जो आदेश जारी हुआ है, क्या रात्रि 10 से सुबह 6 के बीच स्पीकर का उपयोग करने वाले दूसरे धार्मिक स्थलों पर भी आप यह लागू करवा पायेंगे? प्रदेश के मुखिया की दृष्टि में तो सभी धर्म समान होने चाहिए, या नहीं?”
