उज्जैन। सड़क हादसे में अपने इकलौते बेटे की मौत ने दम्पति के जीवन को नई दिशा दे दी है। किसी माँ-बाप को अपने बेटे से बिछड़ना न पड़े, इसलिए दम्पति चार सालों से जरूरतमंदों को हेलमेट बाँट रहा है। अब तक यह दम्पति 9 लाख रुपए से ज्यादा के हेलमेट सैकड़ों वाहन चालकों को बाँट चुका हैं।
लोगों को जीवन की नई राह दिखाने वाला डेविड दंपति उज्जैन का रहने है। चार साल पहले इनके इकलौते बेटे रॉनित की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। रॉनित ने अगर हेलमेट पहना होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी क्योंकि रॉनित की मौत सिर में चोट लगने से हुई थी। उसका बाकि शरीर पूरी तरफ सही-सलामत था।
रॉनित की मौत ने उनके पिता नितिन डेविड और माता को तोड़ दिया था। एक वक्त तो उन्हें लगा कि जैसे उनका जीवन ही खत्म हो गया है। लेकिन बेटे की मौत ने उनको जीवन की नई दिशा दे दी। किसी और माँ-बाप को अपने बेटे को खोना ना पड़े इसके लिए उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों को हेलमेट बांटने का फैसला किया। पिछले चार साल में डेविड दंपति 9 लाख रुपए से ज्यादा के हेलमेट सैकड़ों वाहन चालकों को बाँट चुका हैं। साथ ही डेविड दंपति पोस्टर लगाकर भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
