बैतूल। बैतूल में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बैटरी से चलने वाली साइकिल का आविष्कार किया है। बैटरी को तीन घंटे चार्ज करने के बाद साइकिल लगभग 30 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इससे पट्रोल की बचत होगी और पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
बैतूल के विवेकानंद विज्ञान महाविद्यालय के एमएससी के भौतिक शास्त्र के फाइनल सत्र के 20 छात्र-छात्राओं प्रदूषण मुक्त, पर्यावरण बचाने और पेट्रोल की बचत को लेकर एक बैटरी चलित साइकिल का अविष्कार किया है। इस साइकिल को करीब दो माह में तैयार किया गया है। इसको बनाने में करीब 10 हजार रुपए का खर्च आया है। करीब तीन घंटे चार्ज करने के बाद इस बैटरी सायकल से 30 किलोमीटर तक का सफर किया जा सकता है।
साइकिल बनाने वाले छात्रों का कहना है कि आज प्रतिदिन पेट्रोल के दाम बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए हमें ख्याल आया कि क्यों ना एक इलेक्ट्रिक साइकिल बनाई जाए। इससे पेट्रोल की बचत होगी। इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में 15 दिन लगे हैं। इसे बनाने में करीब 10 हजार रुपए का खर्च आया है। इसे बनाने के लिए हमने साइकिल में एक डीसी मोटर, 12-12 वोट बोल्ट की 4 बैटरी कंट्रोलर और एक स्विच लगाया है। इस बैटरी को चार्ज करने में 3 घंटे लगते हैं और एक बार चार्ज होने पर यह 30 किलोमीटर तक चलती है। आगे हमारा प्लान यह है कि इससे रिवर्स करंट प्राप्त किया जाए ताकि बार-बार चार्ज करने की दिक्कत नहीं आए।
वहीँ छात्रा प्रिया पवार का कहना है कि हम इसके बारे में बहुत दिनों से सोच रहे थे। इसे 20 लोगों की टीम ने मिलकर तैयार किया है। इसमें और सुधार करके सोलर पैनल लगाने के प्रयास करेंगे। फ़िलहाल प्रोजेक्ट बनने पर बहुत ख़ुशी हो रही है। बाइक यूज करने पर एयर पॉल्यूशन होता है लेकिन इस बाइक से एयर पॉल्यूशन नहीं होगा।
