शाजापुर। शाजापुर के आलू की अब देश के साथ विदेशों में भी खास पहचान बन गई है। चिप्स के लिए सबसे अच्छा होने के कारण देशी-विदेशी कंपनियां शाजापुर का आलू खरीदने में दिलचस्पी दिखा रही है। शाजापुर से आलू सीधा दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में भेजा जा रहा है और वहां से नामी देशी-विदेशी कंपनियां शाजापुर के आलू को खरीद रही हैं। इससे जिले का किसान काफी खुश है।
दरअसल अच्छी बारिश और पेयजल स्रोतों में अभी तक पानी होने से शाजापुर जिले में इस बार 12 हजार किसानों ने आठ हजार से अधिक हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की बुआई की थी। इस कारण इन दिनों मंडियों में आलू की बंपर आवक हो रही है। शुक्रवार को शाजापुर मंडी में करीब तीन हजार क्विंटल आलू बिका। शाजापुर में आलू पांच रुपए से लेकर 14 रुपए किलों तक बिक रहा है। यहाँ से आलू दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में भेजा जा रहा है और वहां से आलू विदेशों में जा रहा है।
दरअसल जिले के किसान ज्यादातर आलू की नई और उन्न्त किस्म चिप्सोना की खेती कर रहे हैं। आलू की यह किस्म चिप्स के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। साइज और टेस्ट में बेहतर होने से देशी-विदेशी कंपनियां चिप्स के लिए यह आलू खरीदती है। चिप्सोना आलू का फायदा यह है कि इसमें स्टार्च कम रहता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों को कोई नुकसान नहीं होता है।
चिप्सोना आलू का एक अन्य फायदा यह भी है कि यह एक हेक्टेयर में 300 से 400 क्विंटल आलू पैदा होता है, जबकि आलू की दूसरी किस्में कम उत्पादन देती है। चिप्सोना आलू साइज और टेस्ट में बेहतर तो होता ही है साथ ही यह कटने के बाद भी सफ़ेद बना रहता है।
