मंदसौर। मंदसौर में रहने वाले 62 वर्षीय नाहरू खान ने कोरोना वायरस से चल रही लड़ाई में अपना योगदान देने के लिए एक ऑटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन बनाई हैं। मात्र दूसरी कक्षा पास नाहरू खान ने यूट्यूब पर देखकर यह सैनिटाइजर मशीन बनाई। नाहरू द्वारा बनाई मशीन को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। नाहरू ने इस मशीन को जिला अस्पताल में डॉक्टरों और मरीजो के लिए दान करने की इच्छा जताई। इस पर मशीन की अच्छे से जाँच करने के बाद इसे जिला अस्पताल में लगाने की अनुमति दे दी गई।
पिछले कुछ दिनों से भले ही धर्म विशेष के लोगों द्वारा डॉक्टर और पुलिस पर हमला करने के मामले सामने आ रहे हो। लेकिन मंदसौर जिले के नाहरू खान ने डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और मरीजों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए अनोखा काम किया है। उनके इस काम की शहरवासी और अधिकारी जमकर सराहना कर रहे हैं।
दरअसल दूसरी कक्षा पास नाहरू पेशे से एक मिस्त्री है जो अलग-अलग मशीनों का काम करते हैं। उन्होंने यूट्यूब पर एक ऑटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन देखी तो उसे बनाने का ख्याल आया। नाहरू ने अपनी मेहनत से मात्र 48 घंटे में ही फुल बॉडी ऑटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन बना कर तैयार कर ली।
इस सैनिटाइजर मशीन की खासियत यह है कि इसके अंदर पैर रखते ही 6 अलग-अलग एंगल से व्यक्ति पर सैनिटाइजर केमिकल की फुहारें गिरती है। यह मशीन मात्र तीन सेकंड में अंदर मौजूद शख्स को पूरी तरह से सेनीटाइज कर देती है। जैस ही अंदर मौजूद व्यक्ति मशीन से बाहर निकलता है, मशीन अपने आप बंद भी हो जाती है।
नाहरु खान कि इस मशीन को मंदसौर कलेक्टर, एसपी तथा जिला चिकित्सालय के प्रमुख अधिकारियों ने पहले पूरी तरह जांचा परखा और उसके बाद ही इसे जिला अस्पताल में लगाने की अनुमति प्रदान की। इस मशीन के लगने के बाद सभी अधिकारी खुश नजर आए और उन्हें आश्चर्य हुआ कि एक दूसरी पास आदमी फुल बॉडी ऑटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन कैसे बना सकता है? अधिकारियों के अलावा जिला अस्पताल में आने वाले मरीज भी इस मशीन के लगने के बाद खुश दिखाई दिए।
नाहरू खान ने बताया कि, ‘मैंने इस मशीन को यूट्यूब पर देखा था और 48 घंटे में ही ऑटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन बना दी। यह बराबर काम कर रही है और पूरी तरह सेनीटाइज कर रही है। मैं दूसरी कक्षा तक ही पढ़ा हूँ, लेकिन प्रैक्टिकल नॉलेज ज्यादा है। मैं कोई भी मशीन देख लेता हूं तो उसे पूरी तरह बनाकर ही छोड़ता हूँ। किसी भी मशीन को देखकर उसे बनाने का मुझे बड़ा शौक है। इस मशीन का खर्चा मैंने अभी जोड़ा नहीं है। मेरी दिलचस्पी इसे बनाने में थी। यह मैंने मेरी तरफ से दान में दी है। इसका कोई खर्चा या चार्ज नहीं लिया है।‘
वहीँ मंदसौर कलेक्टर मनोज पुष्प ने बताया कि, ‘यह एक प्रयास है। हमारे वैज्ञानिक कम इंटरप्रेटर ने अपनी तरफ से इसे बनाया है। इसमें पॉइंट 2 हाइड्रोक्लोराइड का मिक्सर दिया है। हमने पहले चेक किया था कि इसका स्किन पर कोई असर तो नहीं पड़ता है, लेकिन ऐसा कोई असर नहीं पड़ा और सेनीटाइज पूरी तरह हो रहा है। यह लोकल लेवल पर बनाई हुई अच्छी मशीन प्रतीत हो रही है।‘
जिला चिकित्सा अधिकारी महेश मालवीय ने कहा कि, ‘देखिए कोरोनावायरस से बचना है तो हमें बार-बार हाथ भी धोना पड़ेंगे, सैनिटाइजर भी करना पड़ेगा। हमारे मंदसौर के साहब ने एक सैनिटाइजर मशीन बनाई है। इस मशीन का लोकार्पण भी किया गया। इस मशीन की खासियत यह है कि इससे पूरा शरीर सैनिटाइज हो सकता है। इस मशीन के अंदर हम पॉइंट 2 का सोडियम हाइड्रोक्लोराइड का उपयोग कर रहे हैं। यह पांव से लेकर सर तक सेनीटाइज कर देती है। जिससे हमें लगता है कि यह इंफेक्शन कंट्रोल पर बहुत मदद करेगी। यह बहुत अच्छी मशीन है।
