May 4, 2026

इलाका टापू बन रहा लेकिन हटना नहीं चाहते रहवासी

बागली। ओंकारेश्वर विद्युत परियोजना के लिये बाँध की ऊँचाई बढ़ने के साथ अब देवास जिले के सात गाँव टापू में बदल रहे हैं।बेक वाटर का पानी लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन यहाँ रहने वाले लोग हटने को तैयार नहीं है। उन्हें अपने खेतों पर नाव से आना-जाना पड़ रहा है। प्रशासन अब इन्हें हटाने की कवायद में जुटा है।

बाँध की क्षमता अनुसार नर्मदा का जल स्तर बढ़ाया जा रहा है जिससे बेक वाटर का स्तर भी बढ़ता जा रहा है।उधर प्रशासन खतरे को देखते हुए नर्मदा किनारे गाँवों में लोगो  को हटाने की कवायद कर रहा है। प्रशासन के मुताबिक इनमें से ज़्यादातर लोगों का मुआवजा उनके बैंक खातों में डाला जा चुका है जबकि प्रभावितों का कहना है कि अब तक कई प्रभावित परिवारों को मुआवजे की एक पाई भी नहीं मिली है।इसमें कई तरह की विसंगतियाँ हैं।

बागली अनुभाग के अंतिम छोर पर नर्मदा किनारे के 7 गाँव अब जलस्तर बढ़ने से टापू बनने की कगार पर है। कोथमीर, गुवाड़ी, धारडी कंडिया, रामपुरा, देवझिरी, सेमली और गंजीपुरा से विस्थापित लोगो को हटाया जाएगा। वर्तमान में धाराजी में बाँध का मौजूदा जलस्तर 193 मीटर है जिसे धीरे धीरे भरकर जलस्तर 196.60 मीटर तक भरा जा रहा है।

कोथमीर गाँव के प्रकाश चौहान ने बताया कि खेत के लिए पहली किश्त में 80 हजार रुपए  और दूसरी बार चार लाख 45 हजार रुपए हमारे बैंक खाते में डाल दिए गए। यह हमें मंज़ूर नहीं है। बालू सिंह ने बताया कि टापू बने खेतों के बीच नाव बड़ी मुश्किल से चलती है। रविवार को वे जब फसल भरकर लौट रहे थे तो नाव पलटते पलटते बची। पूरी फसल डूब गई। जैसे तैसे जान बची। गम्भीर हादसा हो सकता था।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार एन वी डी ए ने यहाँ के निवासियों को उनके आवास व कृषि भूमि विस्थापन का मुआवजा दे दिया है।बागली अनुविभागीय अधिकारी अजित श्रीवास्तव एस डी ओ पी जनपद सी ई ओ अमित व्यास सहित अन्य अधिकारी डूब प्रभावित क्षेत्र पहुँचे हैं और लोगो को डूब क्षेत्र से हटने की चर्चा कर रहे हैं।

Written by XT Correspondent

bettilt giriş bettilt giriş bettilt pin up pinco pinco giriş bahsegel giriş bahsegel paribahis paribahis giriş casinomhub giriş rokubet giriş slotbey giriş marsbahis giriş casino siteleri