मंदसौर/नीमच। प्रदेश के मुखिया कमलनाथ ने प्रदेश के सभी आला अफसरों को माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर फ्री हैंड कर दिया है। कमलनाथ के निर्देश के बाद प्रदेश में बड़ी संख्या में माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मंदसौर-नीमच जिले में भी भू माफियाओं और तस्करों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। लेकिन क्षेत्र में चल रहे ढाबा माफिया और देह व्यापार माफिया के खिलाफ अभी तक पुलिस की सख्ती दिखाई नहीं दे रही है। यहाँ आज भी खुलेआम देह व्यापार का धंधा चल रहा है।
दरअसल महू-नीमच हाईवे पर मंदसौर से लेकर नयागांव के बीच हर थोड़ी दूरी पर आपको ढाबे नजर आ जाएँगे। इनमे से कई ढाबे ऐसे हैं जहाँ मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अपराधियों को पनाह जैसे अपराध हर रोज हो रहे है। रतलाम में ढाबो और देह व्यापार के अड्डों पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन देह व्यापर के बदनाम इस क्षेत्र में अभी तक पुलिस की सख्त कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। ढाबा माफियाओं और देह व्यापार करवाने वाले बड़े-बड़े जिस्मफिरोशी माफियाओं पर प्रशासन का डंडा नहीं चला है।
पिछले कुछ सालों में महू-नीमच हाईवे पर ढाबों की बाढ़ सी आ गई है। इन ढाबों पर कुछ कर्मचारी टेंट-तंबू और भट्टी लगाकर बैठे रहते हैं। यहाँ ज्यादा ग्राहक भी नहीं पहुँचते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि इनकी कमाई होती कहाँ से हैं? ढाबा मालिक कर्मचारियों की मजदूरी और खुद की कमाई कैसे से लाता होगा? इसका जवाब है अवैध गतिविधियों से कमाई। क्षेत्र के कई ढाबे हुस्न की मंडी में तब्दील हो चुके हैं। यहाँ जिस्मफरोशी और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराध आम बात है। ढाबे के कर्मचारी भी दूसरे प्रदेशों के रहने वाले है। कई हिस्ट्रीशीटर और आरोपी फरारी काटने के लिए इन्हीं ढाबों की शरण लेते हैं।
यह ढाबे क्षेत्र में होने वाले कई अपराधों की जन्म स्थली बने हुए है। नीमच और मंदसौर जिला अफीम बेल्ट है। इस कारण पंजाब, हरियाणा सहित अन्य प्रांतों के तस्करों की नजर यहां रहती है। अधिकांश ट्रक ड्राइवर भी इन्हीं प्रदेशों से होते है और इन्हें डोडाचूरा पीने की लत भी रहती है। इन ढाबों पर इन्हें आसानी से डोडाचूरा मिल जाता है। पुलिस ढाबे वालों के खिलाफ कभी-कभी करवाई भी करती हैं, लेकिन बड़ी कार्रवाई नहीं होने से फिर से जिम्म फिरौशी की मंडी सज जाती है। देह व्यापर में लिप्त लोग हाईवे के किनारों पर ही घर बनाकर रहते हैं। इनका ढाबे वालों से सम्पर्क रहता है। कुछ सालों पहले मंदसौर पुलिस ने तत्कालीन टीआई अनिरुद्ध वाधिया के नेतृत्व में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा किया था। लेकिन जिला प्रशासन की ढील के वजह से देह व्यापार के अडडे आज भी हाईवे किनारे संचालित हो रहे है।
इन ढाबों पर अवैध शराब भी आसानी से मिल जाती है। अधिकांश ढाबों पर पूरी रात भर शराब मिलती है। रात के समय हाईवे से गुजरने वाले ट्रक चालक ढाबों पर रूककर शराब का सेवन करते हैं। इससे बड़ी संख्या में सड़क हादसे भी होते हैं।
