नीमच। डेढ़ साल पहले जिस बच्चे को कोई नीमच के अनाथालय में छोड़ गया था। अब वह बच्चा सात समुंदर पार यूरोप जा रहा है। दरअसल ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए यूरोप में रहने वाले विदेशी दंपत्ति ने बच्चे को गोद लिया है। बुधवार शाम को दंपत्ति बच्चे को गोद लेकर नीमच से रवाना हुआ।
दरअसल यूरोप के रहने वाले ग्लेन जॉर्ज गरिमा एवं उनकी पत्नी काटिया गरिमा को कोई संतान नहीं है। वह लम्बे समय से किसी बच्चे को गोद लेना चाहते थे। उन्होंने वेबसाइट के माध्यम से कारा नाम की संस्था से संपर्क किया। जिसकी वजह से उन्हें नीमच के बाल आश्रम में रहने वाले कुश नाम के बच्चे का पता चला। इस पर उन्होंने संस्था से संपर्क किया और बच्चे को गोद की बात कही। बच्चे को गोद लेकर विदेशी दंपत्ति काफी खुश है।
बाल आश्रम की संचालिका उषा गुप्ता ने बताया कि कुश को डेढ़ साल पहले कोई यहां छोड़ गया था। उस समय वह महज एक दिन का था। हमने उसे बड़े प्यार से पाला पोसा। बच्चे से बिछड़ने का दुख सबको है, लेकिन इस बात की ख़ुशी हैं कि वह अब अच्छी जिन्दगी जियेगा।
महिला एवं बाल विकास द्वारा संचालित वात्सल्य ग्रह बाल आश्रम में अनेकों लावारिस, त्यागी एवं अनाथ बच्चों को रखा जाता है। यहीं उनका पालन पोषण किया जाता है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित कारा साइड से यूरोप के दंपत्ति को नीमच में पल रहे डेढ़ वर्षीय कुश का पता चला। करीब छह महीने पहले विदेशी दंपत्ति नीमच पहुंचे और कुश से मुलाकात कर उसे गोद लेने की ठानी। कुश से मुलाकात के बाद विदेशी दंपत्ति में उसे गोद लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। 13 नवंबर वे वापस नीमच आए और महिला बाल विकास अधिकारी एवं बाल आश्रम की संचालिका उषा गुप्ता के द्वारा कुश को रजिस्टार ऑफिस में पूरी लिखा पढ़ी के बाद गोद नामा की शर्तों के अनुरूप यूरोप के दंपत्ति को सौंपा गया।
उषा गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि कुश से पूर्व भी एक बालिका अमेरिका और एक बालिका को दुबई के परिवार को सौंपा गया है जिनका पालन पोषण भी सुव्यवस्थित ढंग से उनके परिवार द्वारा किया जा रहा है। यूरोप से आए दंपत्ति ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि व शिप कंपनी माल्ता यूरोप में फाइनेंशियल ऑफिसर के पद पर है और उनका नाम ग्लेन जॉर्ज गरिमा एवं उनकी पत्नी का नाम काटिया गरिमा और कुश जिसे वह अपने साथ ले जा रहे हैं उसका नाम बेन गरिमा रखा गया है। कुश का नीमच से जन्म प्रमाण पत्र भी बना लिया गया है और कलेक्टर कार्यालय स्थित रजिस्टर ऑफिस से पूर्णा लिखा पढ़ी के पश्चात बेन को उन्हें सौंप दिया गया है। बुधवार शाम को वह नीमच से उदयपुर के लिए रवाना हुए। यहां से वे पहले दिल्ली पहुंचेंगे जहां पर बेन यानि कुश के वीजा की प्रक्रिया पूर्ण कर मालदा यूरोप के लिए रवाना होंगे।
