नीमच। आज देश भले ही इंसान को अंतरिक्ष में पहुँचाने की क़वायद की जा रही हो। लेकिन आजादी के इतने सालों बाद भी एक गाँव ऐसा है जहाँ शव को श्मशान ले जाना भी एक बड़ी चुनौती है। गाँव में आज तक श्मशान जाने का रास्ता नहीं बनाया गया। गर्दन-गर्दन तक पानी में से शवयात्रा निकलना लोगों की मज़बूरी बन गया है।
यह हालात है नीमच जिले की ग्राम पंचायत गिरदौड़ा के गॉव पिपलिया हाड़ा के। यहाँ रहने वाले लोगों को शव श्मशान तक ले जाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल कर रास्ता पार करना पड़ता है। हाल ही में ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब गॉव में रहने वाले भगवान लाल की मृत्यु हो गई। श्मशान जाने के रास्ते में नाला पड़ता है जिसमें पानी भरा हुआ था। ग्रामीणों को गर्दन-गर्दन तक पानी में से शवयात्रा निकलना पड़ी।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद से ही नाले में सालभर पानी जमा रहता है। अगर गाँव में किसी को मौत हो जाए तो उसे इस नाले से ही होकर ले जाना पड़ता है।
हालांकि मामले में कलेक्टर अजय गंगवाल, जिला पंचायत सीईओ को बोलकर ग्राम पंचायत के माध्यम से इस समस्या का निराकरण की बात कह रहे हैं। वहीँ कांग्रेस के जिला कार्यवाह अध्यक्ष राजकुमार अहीर ग्राम पंचायत की जवाबदारी होने की बात कह रहे है और अधिकारीयों से चर्चा कर समस्या के समाधान की बात कह रहे हैं।
