उज्जैन। पथरी की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ने पर अस्पताल का डॉक्टर मदद के लिए आगे आया। मरीज के ब्लड ग्रुप से मिलता ब्लड उपलब्ध नहीं होने पर डॉक्टर ने रक्तदान किया। जिसके बाद मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाए गए।
दरअसल कोरोना संकट में कई डॉक्टर मरीज का इलाज करने के साथ-साथ व्यक्तिगत तौर पर भी उनकी मदद कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के उज्जैन से सामने आया है। यहां के आरडी मेडिकल कॉलेज में जयसिंहपुरा निवासी रमेश को किडनी की समस्या और कोरोना लक्षण मिलने के चलते भर्ती कराया गया था। हालांकि उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई, लेकिन शरीर में प्लेटलेट्स की कमी के चलते उनकी हालत बिगड़ने लगी।
मरीज तत्काल ब्लड की जरुरत थी, लेकिन मरीज के परिजनों के नहीं होने और मरीज के ब्लड ग्रुप से मिलता ब्लड उपलब्ध नहीं होने के कारण प्लेटलेट्स का संकट आ खड़ा हुआ। इस बीच अस्पताल के डॉक्टर आयुष श्रीवास्तव का ब्लड ग्रुप समान होने के कारण उन्होंने रक्तदान करने का फैसला किया।
डॉक्टर आयुष श्रीवास्तव का कहना है कि मरीजों के इलाज के साथ-साथ अगर मैं किसी प्रकार से मरीज के काम आ सका तो यह मेरे लिए ख़ुशी की बात होगी। डॉक्टर आयुष के इस निर्णय की अस्पताल प्रबंधन ने भी प्रशंसा की है।
