छतरपुर। बुंदेलखंड के किसानों की बदहाली किसी से छिपी हुई नहीं है। आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रहे किसानों को इन दिनों बिजली के भारी झटके लग रहे हैं। हालत यह है कि एक किसान अपना बिजली का बिल देखकर गस्त खाकर गिर गया। किसान पर पानी छिड़कर उसे होश लाया गया। वहीं बिल की राशी देखकर पूरे गाँव में हडकम्प मच गया।
छतरपुर जिले के ईशानगर विकासखंड क्षेत्र के सीगोंन गांव में मलखान काछी नाम का किसान रहता है। उसने पांच साल पहले घरेलू बिजली कनेक्शन लिया था। उसके पूरे घर में 2 से 4 CFL बल्ब जलते हैं। उसके घर का बिजली बिल अधिकतम 100 से 200 रुपए तक ही आता था। वह हर माह बिजली का बिल जमा करवाता है।
पिछले तीन माह से बिजली का बिल नहीं आया तो किसान ने ऑनलाइन बिल निकलवाकर पैसा जमा करना चाहा। लेकिन बिल की राशी देख मलखान को पसीना आ गया और वह गश्त खाकर गिर गया। दरअसल बिल की राशी 16 लाख 86 हजार 92 रुपए थी। इतना भारी भरकम बिल आने से किसान और ग्रामीण चिंता और भ्रम की स्थिति में है। ग्रामीणों का आरोप है कि मीटर रीडर की मनमानी और विभाग गड़बड़ियों के चलते बिजली बिलों में भारी गडबडियां हो रहीं हैं, जो किसान सहित हर आम आदमी के लिए बड़ी समस्या है।
बता दें कि बिजली कंपनी किसी भी उपभोक्ता को ऐवरेज बिल नहीं थमा सकता। बावजूद इसके ग्राहकों को ऐवरेज बिल देकर ग्राहकों से मनमानी बिल राशि की वसूली की जा रही है। नियमानुसार प्रत्येक मीटर की हर माह रीडिंग कर उसमें दर्ज यूनिट के मुताबिक ही बिल जारी होना चाहिये। लेकिन मीटर वाचक रीडिंग में हेर-फेर कर गरीब और नासमझ किसानों को बिल का डर दिखाकर अवैध वसूली करता है जिससे ग्राहकों के ऊपर अन्यत्र बोझ बढ़ जाता है।
इस संबंध में जब बिजली विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम की वजह से अतिरिक्त राशि के बिल आ गए हैं। जांच कर इन बिलों की राशि में संशोधन किये जायेंगे।
