सतना। पहले अतिवृष्टि ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया तो अब कपकपाती ठंड के बीच हुई बारिश ने अन्नदाताओं की फसल भिगोकर रख दी। वहीँ रही सही कसर मंडी प्रशासन की लापरवाही और बदइंतजामी ने पूरी कर दी। बीती रात हुई बारिश के कारण मंडी में रखा किसानों का हजारों क्विंटल धान बारिश की बूंदों से तरबतर हो गया। हफ़्तों से तौलाई के लिए मंडी में खुले आसमान के नीचे धान रखकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसान बारिश होने से अपनी किस्मत पर सर पटक रहे हैं।
मामला सतना जिले के गोरसरी ओपन कैंप खरीदी केंद्र का है। यहाँ पिछले पांच से दस दिनों से किसान खुले आसमान के नीचे धान रखकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। बीती रात कड़कड़ाती ठंड के बीच हुई बारिश के कारण धान भीग गया।
दरअसल गोरसरी ओपन केम्प पर अधिकारियों ने खरीदी व स्टॉक की व्यवस्था खुले आसमान के नीचे कर रखी है। यहाँ दूरदराज से आने वाले किसानों के लिये न छत की व्यवस्था है और न ठंड के बीच अलाव की व्यवस्था है। यहाँ तक की मौसम विभाग के बारिश को लेकर अलर्ट के बाद भी त्रिपाल की व्यवस्था नही की गई थी। यहाँ किसान 5 से 10 दिनों से अपनी धान को बेचने के लिये खुले आसमान के नीचे कड़कड़ाती ठंड में रात और दिन गुजार रहे है पर धान की खरीदी नही हो पा रही है। ख़रीदी केंद्र में व्यापारियों ने कब्जा कर रखा है। किसानों की साफ सुथरी फसल को रिजेक्ट किया जा रहा है। वहीँ व्यापारी की घटिया किस्म की धान को अच्छी फसल दर्शा कर खरीदा जा रहा है। कई बार अधिकारियों से शिकायत हुई पर स्थितियां जस की तस बनी हुई है।
इन सब के बीच अब कुदरत ने भी अपना कहर इन किसानों पर बरपा दिया। जिससे किसानों की धान व केंद्र द्वारा खरीदी हुई धान दोनों भीग गई। खरीदी केंद्र में फैली व्यापक बदइंतजामी की कहानी खुद अपनी जुबा किसानों ने बया की है। वहीँ किसानो के इस संवेदनशील मामले पर अब तक अधिकारी ने चुप्पी साध रखी है।
