खंडवा। जहाँ एक तरफ लोग सांसारिक विलासिता की तरफ भाग रहे हैं। वहीँ आदिवासी अंचल की एक युवती एक क्षण में सांसारिक मोह माया छोड़ वैराग्य की राह पर चल पड़ी है। वेलेंटाइन डे के दिन जहाँ एक तरफ प्रेमी जोड़े एक-दूसरे के प्रति अपने प्यार का इजहार करेंगे। वहीँ यह युवती इस दिन सांसारिक बंधनों का त्याग कर साध्वी बन जाएगी।
खंडवा के आदिवासी अंचल खालवा में रहने वाली 27 युवती प्रियंका ‘वसुधैव-कुटुम्बकम’ के मार्ग की पथगामिनी बनते हुए जैन साध्वी की दीक्षा लेने जा रही है। साध्वी बनने से पहले प्रियंका बग्घी में बैठकर नगर भ्रमण पर निकली। इस दौरान परिजनों ने उसे एक दुल्हन की तरह जेवरों से सजाया। उसके हाथों में मेहंदी लगाई। इस दौरान प्रियंका की चारों बहनों और रिश्तेदारों ने गीतों के माध्यम से उसके साथ समय बिताया। दिलपर पत्थर रखकर मां ने भी मंगल गीत गाए और सुख सुविधा और वैभव का त्याग कर वनविहारी होने का आशीर्वाद दिया।
बता दे कि खालवा की रहने वाली प्रियंका ने एमबीए की पढ़ाई की है। प्रियंका को मल्टीनेशनल कंपनी से जॉब के ऑफर भी आए लेकिन प्रियंका ने जैन धर्म के स्तवन सुनकर वैराग्य की राह पर चलने की ठानी। छह माह पूर्व जब प्रियंका ने परिवार वालों को इसके बारे में बताया तो सभी के होड़ उड़ गए। हालाँकि बाद में प्रियंका परिजनों को समझाने में कामयाब हो गई। प्रियंका ने कहा वह प्रभु के प्यार में खुद को समर्पित कर रही है।
14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के दिन प्रियंका दीक्षा लेगी। महाराष्ट्र में कान मुनि महाराज द्वारा दीक्षा विधि सम्पन्न करवाई जायेगी। जैसे-जैसे 14 फरवरी का दिन करीब आ रहा है, प्रियंका से मिलने के परिजनों और रिश्तेदारों की भीड़ उसके घर पर आ रही है। दीक्षा लेने के बाद प्रियंका दोबारा इस जन्म में अपने घर के आंगन में नही लौटेगी। भौतिक चकाचौंध से संयमित जीवन में आना वर्तमान दौर में काफी मुश्किल है। प्रियंका का साधु बनने का मार्ग सिर्फ वेश परिवर्तन नहीं है बल्कि जीवन की दिशा को ही परिवर्तित करना है।
