इंदौर। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए अब से इंदौर में बाहर आने वाले यात्रियों की जांच की जाएगी। अब तक इंदौर हवाई अड्डे पर ही यात्रियों की जांच की जा रही थी, लेकिन अब रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या अन्य किसी स्थल पर यात्रियों के आवागमन को देखते हुए जाँच की जाएगी। सभी यात्रियों को कोरोना वायरस की जांच कराना अनिवार्य होगा।
दरअसल इंदौर कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने इंदौर जिले में कोरोना वायरस से निपटने के लिए धारा 144 के तहत कई प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों का पालन न करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन आदेशों के तहत इंदौर जिले की सीमा के बाहर से आने वाले व्यक्तियों की जाँच की जाएगी। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति को खुद में कोरोना वायरस के लक्षण नजर आए हैं तो उसे तुरंत अपना पता चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा और चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर जांच के लिए निश्चित समय और स्थान पर आना होगा।
राज्य शासन के आदेश के अनुसार इंदौर जिले के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों में 31 मार्च तक अवकाश रहेगा। इस दौरान वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन जारी रहेगा। वहीँ महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशों के अनुसार 31 मार्च तक सभी आंगनवाड़ी केंद्र तथा मिनी आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।
इंदौर कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जिले में चलने वाली समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं संबंधी कोचिंग क्लासेस और सेंटर 31 मार्च तक बंद रहेंगे। इसी तरह हॉबी क्लासेस, समर क्लासेस, ग्रूमिंग क्लासेस जैसी समस्त क्लासेस भी 31 मार्च तक बंद रहेगी। इनके अलावा जिले के सभी वाचनालय, वाटर पार्क, जिम्नेशियम, मैरिज हॉल, गार्डन, सिनेमा हॉल, डिस्कोथेक को भी 31 मार्च तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति पर भी 31 मार्च तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीँ आधिकारिक यात्रा, प्रशिक्षण, सार्वजनिक समारोह, समस्त मॉल एवं माल में संचालित समस्त दुकानें, आउटलेट, शोरूम को भी 31 मार्च तक बंद रखा जाएगा।
इंदौर कलेक्टर ने आदेश दिया कि अस्पताल, बैंक, सब्जी मंडी, पार्क, बसों सहित अन्य स्थानों पर नियमित रूप से साफ-सफाई की जाए और कोरोना वायरस संक्रमण के उपाय का प्रचार सुनिश्चित किया जाएगा।
