देवास। देवास जिले के बागली में मृत अवस्था में तेंदुआ मिलने से सनसनी फ़ैल गई है। तेंदुआ हष्टपुष्ट नजर आ रहा हैं। तेंदुए की मौत कैसे हुई, फ़िलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। तेंदुए का शव पोस्टमार्टम के लिए देवास लाया गया है।
दरअसल ग्रामीणों ने वन अधिकारी को बागली से 30 किलोमीटर दूर झिकड़ाखेड़ा के जंगल बीट क्रमांक 24 में एक वन्यप्राणी का शव मिलने की सूचना दी। जब वन अधिकारी अपने अमले के साथ मौके पर पहुंचे तो वन्यप्राणी की तेंदुए के रूप में पहचान की। तेंदुए के शव पर शिकार या करंट के कोई निशान नहीं मिले है। ऐसे में यह पुष्टि नहीं हो पाई हैं कि तेंदुए की मौत कैसे हुई।
बताया जा रहा है कि ओंकारेश्वर डेम बनने के बाद बहुत बड़ा जंगल जलमग्न हो गया। इस कारण आसपास के जंगलों में जानवरों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। अनुमान है कि इस समय देवास जिले में 50 से अधिक तेंदुए रहते हैं।
