भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की माली हालत इतनी ख़राब है कि वह अपनी योजनाओं पर ही पैसा नहीं लगा पा रही है। हालत यह है कि सरकार मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के तहत नव विवाहित जोड़ों को प्रोत्साहन राशि भी नहीं दे पा रही है।
कर्मचारियों व पेंशनरों को बढ़ी हुई महंगाई भत्ता व राहत नहीं दे पाने, तीर्थदर्शन योजना बंद करने के बाद अब प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना पर भी जूझ रही है। सरकार अप्रैल 2019 से नव विवाहित जोड़ों को प्रोत्साहन राशि भी नहीं दे पा रही है। सरकार को 29 हजार जोड़ों को 153 करोड़ रुपए देने थे, लेकिन सरकार ने मात्र 65 करोड़ मंजूर किए। ख़ास बात यह है कि यह राशी भी दो माह में विभाग तक नहीं पहुंची। वहीँ 15 दिन पहले कटौती राशि से 53।34 करोड़ रु। देने का वादा किया है लेकिन यह राशी भी अब तक नहीं मिली।
दरअसल पूर्व की शिवराज सरकार मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के तहत 28 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देती थी। लेकिन कमलनाथ सरकार ने इस राशी को बढ़ाकर 51 हजार रुपए कर दिया। राशी बढ़ने के साथ ही विवाह करने वालों की संख्या बढ़ गई। हालात यह है कि साल 2019 में अनुमानित 25 हजार की तुलना में 45 हजार शादी मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के तहत हुई। इस कारण सरकार पर योजना का बोझ बढ़ता गया।
