देवास, द टेलीप्रिंटर। इन दिनों बागली क्षेत्र में लंबी और मालवा के सबसे ऊँचे स्थान पर हुई शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। दो जोड़ों ने पवित्र तीर्थ कांगरिया देव में शादी की। जोड़े पांच दिनों तक चले हवन यज्ञ में जोड़े बतौर पति पत्नी बैठे और अंत में शादी की। बागली से गए श्रद्धालुओं ने अपनी ओर से वर वधु को बधाई देते हुए कन्या दान भी दिया।
दरअसल बागली मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर सुरमई पहाड़ियों के बीच पवित्र तीर्थ कांगरिया देव स्थित है। इसे मामला का सबसे ऊँचा स्थान भी माना जाया है। लगभग 1500 फीट की ऊंचाई पर स्थित कागंरिया पर्वत पर दो जोड़े परिणय बंधन में बंधे। इस दौरान जोड़ों ने बकायदा अग्नि के सात फेरे लिए और यज्ञ वेदी के साथ कई आमंत्रित लोग इस शादी के गवाह बने। इस शादी की ख़ास बात यह रही कि पांच दिनों तक चले हवन यज्ञ में यह जोड़े बतौर पति पत्नी बैठे। वर वधु को सभी श्रद्धालुओं एवं यजमान ने आशीर्वाद दिया।
पंडित ऋषि राज शर्मा ने कहा कि उनके जीवन में आज तक ऐसी निराले अंदाज वाली शादी नहीं करवाई, ना ही सुना है। बाबा भगवान दास ने भी नव वर्ष एवं वधु को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि मेरे जीवन में इस प्रकार का अनूठा आयोजन पहली बार सुना एवं देखा गया है। बागली से गए श्रद्धालुओं ने अपनी ओर से वर वधु को बधाई देते हुए कन्या दान भी दिया। शादी समारोह जैसा माहौल जंगल में होने से चारों और खुशी की लहर रही। अनूठी शादी का जिक्र हर तरफ हो रहा है।
