सिवनी। सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व में राज्यस्तरीय मोगली महोत्सव का आगाज हो चुका है। मोगली महोत्सव में बच्चे वन्य जीवन एवं जैव विविधता का अनुभव ले रहे हैं। इस वर्ष महोत्सव में प्रदेश के सभी 52 जिलों के 416 स्कूली छात्र-छात्राएं सहित 102 शिक्षक-शिक्षिका शामिल हुए। इनके अलावा इनके अलावा जैव विविधता क्विज में राज्य स्तर पर चयनित हुई 7 टीमों के 42 प्रतिभागी भी अपने 14 मार्गदर्शक शिक्षकों के साथ हुए शामिल हुए।
दरअसल स्कूली बच्चों को जैव विविधता, पर्यावरण प्रेम और वन्य प्राणी जीवन शैली का अनुभव समझाने के लिए हर साल अनूठे कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। यह कार्यक्रम सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व में आयोजित किया जाता है। इसमें प्रदेश भर से आए बच्चे शामिल होते हैं। बच्चे जंगल में सफारी का आनंद उठाते हुए जंगल में तरह-तरह के वृक्ष एवं टाइगर सहित और भी जंगली जानवर पशु पक्षियों को देखकर आनंदित हो उठते हैं।
इस वर्ष मोगली महोत्सव के पहले दिन बच्चों को जंगल सफारी का लुफ्त लेने के लिए कलेक्टर सिवनी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मोगली मित्रों ने हैबीटाइट सर्वे, नेचर ट्रेल, अखबार लेखन, ग्रुप डिस्कशन गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस दौरान छात्रों को मोगली पर आधारित फिल्म भी दिखाई गई। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए मोगली छात्रों ने बताया कि मोगली उत्सव में शामिल होकर उन्हें प्रकृति को करीब से जानने का सुनहरा मौका मिला है। वे इस यादगार उत्सव को कभी नहीं भूल पाएंगे। वन्यप्राणी, पर्यावरण, जैव विविधता के बारे में जो जानकारी पेंच पहुंचकर उन्हें मिली है। हैबीटाइट सर्वे के दौरान छात्रों को विभिन्न पेड़ों, छालों, वन्यजीवों के पगमार्ग, जीवन शैली, वनस्पति की उपयोगिता, इस पर आश्रित जीवों, पशु पक्षियों के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रकृति से संवाद का महोत्सव है अर्थात प्रदेश के युवा वर्ग को प्रदेश की जैव विविधता से सीधा जुड़ाव कर प्रक़ृति से सम्पर्क स्थापित करना है। प्रदेश के समस्त जिलो से आए प्रतिभागियों के पांच समूहों में बांटा गया है। सभी प्रतिभागियों को 27 से 29 नवम्बर तक में जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए पार्क सफारी, नेचुर ट्रेल, हेबीहेट सर्च, नुक्कड नाटक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही क्विज प्रतियोगिता से जोड़ा जा रहा है।
